नई दिल्ली: भाजपा के वरिष्ठ नेता और योगी आदित्यनाथ सरकार में पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ ''मोती सिंह'' ने थाना और तहसील स्तर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर अपनी ही पार्टी की सरकार की जमकर खिंचाई की है। पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें वह कहते हैं कि सरकारी दफ्तरों और थाने में आम लोगों का शोषण किया जा रहा है।
प्रतापगढ़ में भाजपा के एक कार्यक्रम में बोलते हुए राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ ''मोती सिंह'' ने कहा, "मुझे यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि अपने राजनीतिक जीवन के 42 वर्षों में, मैंने तहसील और पुलिस स्टेशन स्तर पर इस तरह के भ्रष्टाचार को नहीं देखा। यह अकल्पनीय है।"
उन्होंने आगे कहा, आज, अगर कोई मोटरसाइकिल पर यात्रा कर रहा है तो पकड़ लिया जाएगा। कोई एक भी अतिरिक्त बल्ब का उपयोग करता है तो एक थाना हमने खोल दिया है, आकर लुटेरे की तरह हमें लूट लिया जाएगा। शिकायत दर्ज करने की धमकी दी जाएगी। लोगों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
राजेंद्र प्रताप सिंह ने आगे कहा कि हम अपराध न करें, और अपराधी बन जाएं। उन्होंने कहा कि उपस्थित लोगों का अभिनंदन सिर्फ शब्दों से पूरा नहीं होगा। सम्मान किया जाना चाहिए और उनके मुद्दों को सुना जाना चाहिए।
बता दें कि राजेंद्र प्रताप सिंह ने 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रतापगढ़ जिले के पट्टी से जीत हासिल की थी। उन्हें ग्रामीण विकास मंत्री बनाया गया था। हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में वह सपा उम्मीदवार से हार गए।
योगी आदित्यनाथ सरकार में पूर्व मंत्री रहे ''मोती सिंह'' का ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर विपक्ष के नेता भी शेयर कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने राजेंद्र प्रताप सिंह पर भी गुस्सा उतारा है। एक यूजर ने एक्स पर लिखा कि जब ये मंत्री थे तो क्या किए थे अपने जिले के लिए ? जिला तो छोड़ दीजिए अपनी विधानसभा के लिए क्या किए थे ? एक मंत्री जब गांव की प्रधानी में इंट्रेस्ट रख उसने इंटरफेयर करने लगता है तो उसका रसूख वही दम तोड देता है।