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'राजस्थान में रहते हुए मेरे पर किंचित मात्र खतरा हुआ, तो..', भाजपा प्रभारी का सचिन पायलट पर हमला

By आकाश चौरसिया | Updated: August 28, 2024 15:06 IST

राजस्थान भाजपा प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल बोले कि मान लीजिए अगर उदयपुर एयरपोर्ट से बाहर निकलते वक्त कार का शीशा टूट गया होता तो, इसके लिए भी जिम्मेदार सचिन पायलट होते। राजनीति का ये तौर-तरीका नहीं है, लड़े मजबूती के साथ लड़े, लोकतांत्रिक तरीके से लड़े और सैद्धांतिक तरीके से लड़े।

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ठळक मुद्देराजस्थान भाजपा प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल का सचिन पायलट पर बड़ा हमला अगर राजस्थान में रहते हमला हुआ तो पूर्व उप मुख्यमंत्री होंगे जिम्मेदारभाजपा प्रभारी बोले कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के धैर्य की भी एक सीमा है

जयपुर:राजस्थान के लिए नव नियुक्त पाए राष्ट्रीय महासचिव राधा मोहन दास अग्रवाल जयपुर पहुंचने के बाद से लगातार विपक्ष पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने पहली बार मीडिया से बात करते हुए बोला था कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कह दिया था कि अब उनका काल क्रिया ही बाकी है और सचिन पायलट बीते जमाने की बात है। इसके बाद पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के समर्थक गुस्से में आएं और फिर राजस्थान भाजपा प्रभारी के उदयपुर पहुंचने और एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद उन्हें काले झंडे दिखाया और कार के सामने जमकर मुर्दाबाद के नारे लगाएं। इस बात से प्रभारी इतना आहत हुए कि उन्होंने कह दिया कि आगे अगर वहां रहते अगर उनपर कुछ होता है तो उसके लिए जिम्मेदार सचिन पायलट होंगे। 

राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा, 'अगर राजस्थान की धरती पर मेरे जीवन पर किंचित मात्र भी खतरा आता है तो मैं उसके लिए सिर्फ सचिन पायलट को जिम्मेदार मानूंगा। उन्होंने सवाल खड़े करते हुए कह दिया कि राजनीति में ये कौन-सा तरीका है? इस देश का लोकतंत्र आपको लड़ाई लड़ने का अधिकार देता है, मेरे खिलाफ भी लड़ाई लड़ने का अधिकार आपको देता है। लेकिन, रात को घेरकर नौजावनों के साथ सोचेंगे कि गाड़ी पर आक्रमण करेंगे, जो बेहद दुर्भावना पूर्ण है। 

प्रभारी बोले कि मान लीजिए अगर उदयपुर एयरपोर्ट से बाहर निकलते वक्त कार का शीशा टूट गया होता तो, इसके लिए भी जिम्मेदार सचिन पायलट होते। राजनीति का ये तौर-तरीका नहीं है, लड़े मजबूती के साथ लड़े, लोकतांत्रिक तरीके से लड़े और सैद्धांतिक तरीके से लड़े। राजनीति रूप से हमें परास्त करें, दोबारा अगर इस प्रकार की घटना हुई, तो हमारे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के धैर्य की भी एक सीमा है।

अभी कुछ कहा ही नहीं है, अगर कुछ कहना शुरू करूंगा, तो बड़ी समस्या पैदा हो जाएगी, तब मैं ये परिभाषित करूंगा, बड़े नेता हैं बेचारे, अपनी पार्टी में लड़ ले पहले, फिर दूसरी पार्टी से लड़ें। उन्होंने ये भी कहा कि वो ये साबित भी कर दूंगा कि पायलट फोर्स क्यों है? 

टॅग्स :राजस्थानसचिन पायलटBJPअशोक गहलोतदीया कुमारीकांग्रेस
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