लाइव न्यूज़ :

रायपुर के पूर्व कलेक्टर ने इस्तीफा देने के तीन दिन बाद ज्वाइन की BJP, अमित शाह और CM रमन सिंह रहे मौजूद

By रंगनाथ | Updated: August 28, 2018 17:58 IST

चौधरी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2005 बैच के अधिकारी थे। चौधरी को राज्य के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में शिक्षा में बदलाव लाने का श्रेय दिया जाता है।

Open in App

रायपुर, 28 अगस्त: झारखण्ड की राजधानी रायपुर के पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी ने मंगलवार (28 अगस्त) को भारतीय जनता पार्टी की सदस्या ले ली। चौधरी ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और छ्त्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ली। चौधरी ने 25 अगस्त को कलेक्टर पद से इस्तीफा दिया था।

चौधरी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2005 बैच के अधिकारी थे। चौधरी को राज्य के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में शिक्षा में बदलाव लाने का श्रेय दिया जाता है।

चौधरी के इस्तीफे के बाद से ही आगामी छत्तीसगढ़ विधान सभा चुनाव में रायगढ़ जिले के प्रतिष्ठित खारसिया सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें  लगायी जा रही थीं।

खरसिया विधानसभा सीट छत्तीसगढ़ के प्रमुख विधानसभा सीट में से एक है। यह सीट कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है और यहां से अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री तथा कांग्रेस के कद्दावर नेता अर्जुन सिंह भी चुनाव लड़ चुके हैं।

वर्ष 2013 के विधानसभा चुनावों से पहले बस्तर के दरभा क्षेत्र में झिरम घाटी नक्सली हमले में मारे गए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल के बेटे उमेश पटेल खरसिया विधानसभा क्षेत्र के मौजूदा विधायक हैं।

चौधरी का जातीय कनेक्शन

चौधरी राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग के अघरिया समुदाय से आते हैं। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल भी खरसिया समुदाय से आते हैं।

अघरिया पटेल को क्षेत्र में कांग्रेस का वोट बैंक माना जाता है। चौधरी के यहां से चुनाव लड़ने से कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लग सकती है।

चौधरी पिछले छह महीनों से रायगढ़ और खरसिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। जिससे कयास लगाया जा रहा था कि वह यहां से चुनाव लड़ सकते हैं। 

चौधरी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने उन्हें "आरएसएस का एजेंट" कहा था। कांग्रेस का आरोप है कि चौधरी ने अपनी सेवा के दौरान सत्तारूढ़ भाजपा का समर्थन करते थे।

राज्य कांग्रेस के महासचिव शैलेश नितिन त्रिवेदी ने आरोप लगाया था कि चौधरी भाजपा के लिए काम करते थे। 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

टॅग्स :छत्तीसगढ़अमित शाहरमन सिंह
Open in App

संबंधित खबरें

भारतएचएस फूलका ने आप को दिया झटका, बीजेपी में शामिल

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

भारतछत्तीसगढ़ नक्सली समर्पणः सरकार चाहे तो कुछ भी असंभव नहीं!

भारत'मोदी सरकार ने नक्सलवाद को खत्म कर दिया': अमित शाह ने कांग्रेस से पूछा आदिवासियों का विकास क्यों नहीं हुआ?

कारोबारमध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में जियो ने जनवरी 2026 में जोड़े सबसे अधिक मोबाइल और ब्रॉडबैंड ग्राहक: ट्राई

भारत अधिक खबरें

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए