नई दिल्लीः राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं पर शुक्रवार से सुनियोजित अभियान के जरिए उन पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया। एक अन्य वीडियो संदेश में राघव चड्ढा ने आप के शीर्ष नेताओं द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए रणवीर सिंह अभिनीत सुपरहिट फिल्म 'धुरंधर' के एक लोकप्रिय संवाद के रूप में चेतावनी जारी की।
चड्ढा ने अपने खिलाफ तीन झूठे आरोपों का जिक्र किया है। विपक्ष के नेताओं के साथ राज्यसभा से वॉकआउट न करना, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर न करना और डर के मारे गैर-जरूरी मुद्दों को उठाना। मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता।
राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने शनिवार को आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किया और कहा कि उनके खिलाफ ‘‘सुनियोजित अभियान’’ चलाया गया है। आरोपों को ‘‘झूठा’’ करार देते हुए चड्ढा ने कहा, ‘‘मैंने हमेशा संसद में जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया है; मैं वहां सरकार पर दबाव डालने के लिए हूं, हंगामा करने के लिए नहीं।’’
यह झूठ है कि मैं विपक्ष के साथ वॉकआउट नहीं किया। मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे एक भी ऐसा उदाहरण साबित करें, जब मैं विपक्ष के साथ वॉकआउट नहीं किया। दूसरा, उन्होंने मुझ पर मुख्य आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर न करने का आरोप लगाया। आम आदमी पार्टी ने मुझसे प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए नहीं कहा था।
वास्तव में 10 सांसदों में से 6-7 सांसदों ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। तो फिर सिर्फ मुझे ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है? केंद्र से डरने के आरोप पर राघव चड्ढा ने कहा, “मैं उन्हें बता दूं कि मैं हंगामा करने के लिए संसद नहीं हूं। मैं लोगों के मुद्दों को उठाने के लिए वहां हूं। मैंने जीएसटी, आयकर, पंजाब में पानी की समस्या और यहां तक कि मासिक धर्म स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर भी बात की है।”
उन्होंने सुपरहिट फिल्म धुरंधर में रणवीर सिंह के मशहूर डायलॉग का इस्तेमाल करते हुए कहा कि मैं करदाताओं के पैसे से संसद में हूँ। ये सभी आरोप झूठे हैं और सभी सवालों के जवाब दिए जाएँगे। मैं घायल हूँ इसलिए घातक हूँ। चड्ढा का यह नया वीडियो बयान आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा राज्यसभा में उन्हें बोलने से रोकने के आरोप में उनकी आलोचना करने के एक दिन बाद आया है।
जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनहितैषी मुद्दों पर बोलता हूँ। मैं ऐसे मुद्दे उठाता हूँ जिन पर आमतौर पर संसद में चर्चा नहीं होती। क्या जनहितैषी मुद्दों पर बोलना गलती है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में पूछा।