Pune rape-murder: महाराष्ट्र के पुणे में एक चार साल की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या की जघन्य वारदात ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के हमलों का कड़ा जवाब देते हुए उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान के आचरण पर आत्ममंथन करने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री का तीखा हमला
रविवार को मीडिया से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि विपक्ष का व्यवहार "हास्यास्पद" है। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, "विपक्ष कभी अपने आचरण पर आत्ममंथन नहीं करता। जो लोग 'कैश फॉर ट्रांसफर' जैसे घोटालों में शामिल रहे हैं, अगर वे हमें उपदेश देने की कोशिश करते हैं, तो यह वास्तव में एक हास्यास्पद बात है।"
संजय राउत ने 'लाडली बहना' योजना को लेकर घेरा
इससे पहले, उद्धव गुट (UBT) के सांसद संजय राउत ने सरकार को "निकम्मा और अक्षम" करार दिया था। राउत ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'लाडली बहना योजना' पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या सरकार पीड़ित मां की भावनाओं को 1500 रुपये में खरीद सकती है?
राउत ने आरोप लगाया कि सरकार वीआईपी सुरक्षा और दूसरे राज्यों के दौरों में व्यस्त है, जबकि राज्य में कानून-व्यवस्था दम तोड़ रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बच्ची का शव लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है।
क्या है पूरा मामला?
पुणे जिले के नसरापुर के पास एक 65 वर्षीय व्यक्ति ने चार साल की बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया और फिर उसकी हत्या कर दी। पुणे ग्रामीण पुलिस के एसपी संदीप सिंह गिल के अनुसार घटना के सामने आने के एक घंटे के भीतर ही 65 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
बच्ची के लापता होने के बाद जब परिजनों ने तलाश शुरू की, तो सीसीटीवी फुटेज में आरोपी बच्ची को ले जाते हुए दिखाई दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी इस तरह की वारदातों में शामिल रहा है। उस पर 2015 के एक पोक्सो (POCSO) मामले सहित दो अन्य समान मामले दर्ज हैं।
पुलिस का क्या कहना है?
एसपी संदीप सिंह गिल ने बताया कि आरोपी बच्ची को लालच देकर अपने साथ ले गया था। उसकी प्रवृत्ति शुरू से ही आपराधिक रही है और पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।