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प्रियंका गांधी ने सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखा लेटर, लोगों को राहत देने के लिए दिए ये 11 सुझाव

By सुमित राय | Updated: May 13, 2020 14:24 IST

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर 11 सुझाव दिए हैं और छोटे-मध्यम व्यापारियों, किसानों, संविदा कर्मियों और दस्तकारों को राहत देने की मांग की है।

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ठळक मुद्देप्रियंका गांधी ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर 11 सुझाव दिए हैं।प्रियंका ने योगी आदित्यनाथ से व्यापारियों, किसानों, बुनकरों के मदद की मांग है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच लोगों को राहत देने के लिए 11 सुझाव दिए हैं। पत्र में प्रियंका ने लिखा कि आपके पिताजी के निधन के बाद मैं पहली बार आपको पत्र भेज रही हूं। ईश्वर उनकी दिवंगत आत्मा को शांति दे और इस कठीन दौर में आपको हौसला दें।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण किसान, गरीब और मजदूर विकट स्थिति में पहुंच गए हैं। नौकरी वर्ग और व्यापारी भी संकट में है, ऐस में इन वर्गों की मदद करना अनिवार्य हो गया है। इस संदर्भ में आपको मैं कुछ सुझाव भेज रही हूं। आशा है आपकी सरकार इन पर ध्यान देगी और जल्द ही निर्णय लेगी।

प्रियंका गांधी के 11 सुझाव

1. शिक्षा और घर के लोन का खर्च मध्य वर्ग की आर्थिक बुनावट का एक बड़ा हिस्सा होता है। आपको ज्ञात है कि मध्य वर्ग इस आर्थिक संकट से कितना प्रभावित है। ऐसे में प्राइवेट स्कूलों की फीस माफी की घोषणा उनके लिए एक बड़ी राहत होगी। ऐसे समय में, जब एक तरफ छंटनी हो रही है और तनख्वाहों में कटौती हो रही है। मध्य वर्ग के लिए घर के लोन की किस्त चुकाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। मुझे लोगों से लगातार संदेश आ रहे हैं कि इस संदर्भ में सरकार को मध्य वर्ग की मदद के लिए आगे आना चाहिए। मेरा सुझाव है कि घर के लोन पर लगने वाली ब्याज दर को शून्य कर दिया जाए व किस्त जमा करने की बाध्यता को अगले छह महीनों के लिए स्थगित किया जाए।

2. किसानों के लिए बिजली की बढ़ी हुई दरें चिंता का विषय बनी हुई है। मेरा सुझाव है कि किसानों के चार महीनों के ट्यूबवेल तथा घर के बिजली बिल माफ किए जाएं। उनके बकाया बिजली बिलों पर भी पेनल्टी व ब्याज माफ किए जाएं।

3. किसानों के लोन पर भी चार महीने का ब्याज माफ हो। उनके क्रेडिट कार्ड तथा अन्य लोन पर कटी हुई आर-सी पर तुरंत रोक लगाई जाए और उस पर भी पेनल्टी और ब्याज माफ किया जाए।

4. किसानों की संपूर्ण फसल खरीदने की गारंटी की जाए। गन्ना सहित सारे भुगतान तुरंत किए जाएं।

5. शिक्षा मित्र, आशा बहनें, आंगनवाड़ी कर्मी, रोजगार सेवक/पंचायत मित्र व अन्य संविदा कर्मी जो कोरोना संकट में हर स्तर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ सरकार के निर्देशों का पालन करनाने में जी-जान से लगा हैं। इनकी सेवाओं को देखते हुए यह उचित समय है कि इन्हें प्रोत्साहित करने के लिए एक प्रोत्साहित राशि दी जाए और एक महीने की सैलरी बोनस के रूप में दी जाए, जिससे वो अपने को सुरक्षित महसूस कर सकें तथा और अधिक मेहनत व लगन से काम करें।

6. छोटे और मंझोले उद्योग उत्तर प्रदेश की आर्थिक रीढ़ हैं। लाखों परिवारों की रोजी-रोटी इनसे जुड़ी हुई है। आज ये भयंकर दबाव में हैं। मांग और आपूर्ति पूरी तरह से ठप्प है। इन उद्योगों के मालिक और मजदूर पूरी तरह से टूटने के कगार पर आ चुके हैं। मेरा निवेदन है कि छोटे मंझोले उद्योगों का बैंक लोन माफ किया जाए। लोन माफी के फैसले से ये दिवालिया होने से बच जाएंगे। इनके बिजली के पेंडिंग बिलों पर भी उदारपूर्वक विचार कर उन्हें राहत देने की घोषणा की जाए।

7. पूरे प्रदेश में एक बड़ी आबादी बुनकरी से जुड़ी हुई है। इस महामारी में उनका पूरा कारोबार जौपट हो गया है। हैंडलूम और इनके कारखाने बंद पड़े हैं। न ही उत्पादन हो रहा है और न कोई बिक्री। इनके ऊपर बैंकों का भारी कर्ज है। बिजली की का बिल भुगतान करने की स्थिति नहीं है। बुनकरों को तत्काल राहत पहुंचाने की जरूरत है। बुनकरों के बिजली के बिल माफ किए जाएं और प्रत्येक बुनकर परिवार को प्रतिमाह 12 हजार रुपया क्षतिपूर्ति राशि दिया जाए।

8. प्रदेश के कालीन उद्योग पर भयानक मार पड़ी है। लाखों परिवारों की आजीविका इस उद्योग से जुड़ी है। कालीन की बिक्री बिल्कुल बंद है। बुनाई-कटाई भी ठप्प है। कालीन कारोबारियों व कारीगरों को आर्थिक मदद की जरूरत है। इनके बैंक कर्ज माफ किए जाएं।

9. लखनऊ के चिकन उद्योग ने देश-विदेश में यूपी का नाम रोशन किया है। नोटबंदी-जीएसटी की मार झेल रहे चिकन उद्योग को तालाबंदी के चलते भारी चोट लगी है। चिकन उद्योग में लगे हर परिवार को न्यूनतम 12 हजार रुपया प्रतिमाह दें, ताकि वे जीवन-यापन कर सकें।

10. प्रदेश का हेचरी उद्योग संकट से गुजर रहा है। अंडे और मुर्गे की सप्लाई बंद है। प्रदेश में ज्यादातर पोल्ट्री फार्म कर्ज को लेकर लोगों ने खोले थे। अब उनपर दोहरी मार पड़ी है। एक तरफ पूरा बिजनेस चौपट हो गया और दूसरे तरफ बैंकों का कर्ज का बोझ। प्रत्येक पोल्ट्री कारोबारियों को प्रति मुर्गी 100 रुपया का आर्थिक सहयोग दिया जाए।

11. उत्तर प्रदेश का कांच उद्योग, पीतल उद्योग, फर्नीचर उद्योग, चपड़े का उद्योग, होजरी उद्योग, डेयरी, मिट्टी बर्तन उद्योग, फिशरी, अन्य घरेलू और लघु उद्योग सभी को तेज झटका लगा है। इनकी समीक्षा होनी चाहिए ताकि इन्हें फिर से शुरू करने में आर्थिक मदद की जा सके। फिलहाल इनके बैंक कर्ज माफ किए जाएं।

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