लाइव न्यूज़ :

'जूम' की सलामती के लिए मांगी जा रही हैं दुआएं, दो गोली लगने के बाद भी दबोचे रहा आतंकियों को

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: October 12, 2022 16:23 IST

आतंकियों के साथ लोहा लेते हुए गोलियों से जख्मी हुए भारतीय सेना के बहादुर जासूसी डाग ‘जूम' की हालत गंभीर है। देखभाल कर रहे पशु चिकित्सकों की मानें तो अगले 48 घंटे 'जूम' के लिए बेहद अहम हैं।

Open in App
ठळक मुद्देभारतीय सेना के शेर-दिल जबांज 'जूम' की सलामी की खातिर दुआओं का सिलसिला लगातार जारी हैगोली लगने के कारण घायल हुए ‘जूम’ की गंभीर हालत को देखकर उसके हैंडलर का रो-रो कर बुरा हाल है'जूम' के बदन में आतंकियों की दो गोलियां लगीं, बावजूद उसके वो आतंकियों से लड़ता रहा

जम्मू: आतंकियों की गोली से जख्मी हुए शेर-दिल जबांज 'जूम' की सलामी की खातिर दुआओं का सिलसिला लगातार जारी है। डाक्टर उसकी जान बचाने की भरसक कोशिश में लगे हुए हैं। ‘जूम’ के खराब हालत को देखकर उसके हैंडलर का रो-रो कर बुरा हाल है क्योंकि उसने 'जूम' को अपने बच्चों से ज्यादा प्यार दिया है

सोमवार को सेना के अधिकारियों ने बताया कि 'जूम' को उस घर के अंदर भेजा गया, जहां पर आंतकी छुपे हुए थे। आतंकियों ने जैसे ही 'जूम' को देखा, उस पर निशाना साधकर गोलियां चला दीं। 'जूम' के बदन में आतंकियों की दो गोलियां लगीं, लेकिन उसके बावजूद वो आतंकियों से लड़ता रहा और उसकी मदद से सेना ने दो आंतकियों को मार गिराया।

गोली लगने के बाद गंभीर हालत में 'जूम' को श्रीनगर स्थित सेना के पशु चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां डाक्टर उसका लगातार इलाज कर रहे हैं। सेना के अधिकारियों ने कहा कि 'जूम' इस वारदात से पहले भी सेना के साथ कई सक्रिय अभियानों का हिस्सा रह चुका है। लेकिन इस अभियान में 'जूम' आतंकियों की गोली का शिकार हो गया। लेकिन उसके बाद भी वह आतंकियों से लड़ता रहा और अपने मिशन को पूरा किया। उसकी मदद से सेना ने दो खूंखार आतंकियों को मार गिराया।

इससे पहले 30 जुलाई को सेना का एक अन्य डाग ‘एक्सल’ भी एक आतंकी हमले में शहीद हो गया था। 'एक्सल' को आजादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर मरणोपरांत वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। बता दें कि भारतीय सेना कुत्तों की विभिन्न नस्लें रखती है, जो आतंकी मुठभेड़ और सर्च आपरेशन में उनकी मदद करते हैं। इनमें लैब्राडोर, जर्मन शेफर्ड, बेल्जियम मालिंस औहैर ग्रेट माउंटेन स्विस डाग शामिल हैं।

सेना प्रवक्ता ने बताया कि आतंकियों के साथ मुठभेड़ में घायल होने के बाद सर्जरी करने वाले भारतीय सेना के डाग 'जूम' की हालत अगले 24-48 घंटों तक गंभीर है और मेडिकल टीम की निगरानी में है। उन्होंने कहा कि सेना का कुत्ता 'ज़ूम' सर्जरी के बाद स्थिर है। उसके टूटे हुए पिछले पैर का प्लास्टर किया गया है और उसके चेहरे पर लगी चोटों का इलाज किया गया है। अगले 24-48 घंटे गंभीर हैं और वह सेना के पशु चिकित्सा अस्पताल में मेडिकल टीम की निगरानी में ही रहेगा।

सेना के अधिकारी ने कहा कि गोली लगने के बाद भी 'जूम' ने अपना काम जारी रखा जिसके परिणामस्वरूप दो आतंकियों को मार गिराया गया। जूम के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के लिए भारतीय सेना चिनार कोर ने ट्विटर का सहारा भी लिया है।

सेना ने ट्वीट किया है कि आपरेशन के दौरान सेना का हमला करने वाला कुत्ता ‘ज़ूम’ आतंकियों से भिड़ते हुए गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका श्रीनगर के सेना के पशु चिकित्सक अस्पताल में इलाज चल रहा है। हम उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। भारतीय सेना की चिनार कोर ने मुठभेड़ में जूम के योगदान के सम्मान में और जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए 10 अक्तूबर को ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है।

टॅग्स :आतंकी हमलाभारतीय सेना
Open in App

संबंधित खबरें

भारत'पाकिस्तान को तय करना होगा भूगोल में रहना है या इतिहास बनना है' सेना प्रमुख

भारतIndias New CDS: भारत को मिला नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि संभालेंगे तीनों सेनाओं की कमान

भारतभारतीय सेना के पराक्रम की गाथा है ऑपरेशन सिंदूर

विश्वभारतीय सेना के अधिकारी क्यों करते हैं अंग्रेज़ी का इस्तेमाल?: पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने पूछा और हो गए ट्रेल

भारतकश्मीर आने वाले पर्यटकों को ‘आपरेशन सिंदूर’ की सालगिरह पर गर्व और आत्मविश्वास की भावना

भारत अधिक खबरें

भारतPM मोदी और मेलोनी की वायरल सेल्फी से फिर चर्चा में आया रोम का कोलोसियम

भारतडिप्लोमेसी, डिनर और कोलोसियम की सैर; पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की यादगार मुलाकात, देखें इटली दौरे की खास झलकियाँ

भारतPharmacy Strike Today: आज बंद रहेंगी दवा दुकानें! आज देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे दवा विक्रेता, मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी

भारतWeather Today: आज बाहर निकलने से पहले देख लें वेदर अपडेट! दिल्ली में हीटवेव तो बेंगलुरु में बारिश की संभावना

भारतईमानदारी के अभाव में शातिर बन जाती है समझदारी