Prayagraj Mahakumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हो रहे एकता के महाकुंभ में देश और विदेश के प्रतिष्ठित लोगों का आना लगातार जारी है. देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बीते सप्ताह संगम के पवित्र जल में स्नान करने आए. 22 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ संगम में स्नान करने के बाद कैबिनेट बैठक करेंगे. फिर 27 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संगम के डुबकी लगाने पहुंचेंगे. फिर एक फरवरी को उप राष्ट्रपति जगदीप धनकड़ संगम में स्नान करने आएंगे. इसके बाद 5 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश और दुनिया के इस सबसे बड़े धार्मिक जुटान के हिस्सा बनेंगे. 5 फरवरी को जब दिल्ली में विधानसभा चुनावों के लिए लोग वोट डाल रहे होंगे उसी समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संगम के पवित्र जल में स्नान करते हुए देश के कल्याण की कामना करेंगे.
पीएम की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम
महाकुंभ के मेला क्षेत्र में आने वाले इन वीवीआईपी नेताओं की सुरक्षा को लेकर फिलहाल पुलिस के आला अफसरों बैठकें कर रहे हैं. इन्ही अफसरों ने बीते 13 दिसंबर को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयाग दौरे के दौरान उनकी पुख्ता सुरक्षा का इंतजाम किया था. 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियों और प्रयागराज के विकास से जुड़ी 5000 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण किया था. पीएम मोदी वर्ष 2019 में हुए अर्ध कुंभ में भी आए थे. तब उन्होने मोदी ने मेले में सफाई करने वाले पांच सफाई कर्मचारियों के पैर धोए थे.
इस बार भी पीएम मोदी महाकुंभ के आयोजन को लेकर लगातार रिपोर्ट लेते रहे हैं. यहीं नहीं प्रधानमंत्री मोदी के सुझाव पर ही प्रदेश सरकार ने इस महाकुंभ को भव्य और दिव्य महाकुंभ के अपने स्लोगन को बदल कर एकता का महाकुंभ कहना शुरू किया है. उत्तर प्रदेश में यह 5वां मौका है जब प्रधानमंत्री मोदी किसी बड़े धार्मिक आयोजन में शामिल होंगे.
सबसे पहले वह वर्ष 2019 में हुए अर्ध कुंभ में आए थे. इसके बाद उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के भूमिपूजन और मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का हिस्सा बने थे. काशी विश्वनाथ धाम का पूजन भी उन्होने ने ही किया था. अब फिर वह 5 फरवरी को संगम में स्नान कर खुशहाल भारत की कामना करेंगे.
फिलहाल प्रधानमंत्री और देश के अन्य बड़े नेताओं के मेला क्षेत्र में आने को लेकर प्रदेश पुलिस ने मेलाक्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया है. हर वीवीआईपी के आने जाने वाले रास्ते पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा गई है. ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए मेला क्षेत्र के हर स्थल की निगरानी रखी जा रही है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के हर पहलू पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो. सुरक्षा कारणों के प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआईपी के स्नान करने के घाट को बारे में चुप्पी साधी जा रही है. सूबे के एडीजी कानून व्यवस्था के अनुसार मेला क्षेत्र में हर वीवीआईपी की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया जा रहा है.