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Assembly Election 2023: मिजोरम में क्या हैं सियासी समीकरण, मिजो नेशनल फ्रंट के सामने कितनी है बीजेपी और कांग्रेस की ताकत? जानिए

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: October 9, 2023 11:29 IST

मुख्य मुकाबला एमएनएफ और कांग्रेस के बीच ही है। कांग्रेस ने दो स्थानीय पार्टियों पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (पीसी) और जोरम नेशनलिस्ट पार्टी (जेडएनपी) के साथ इस बार गठबंधन किया है। गठबंधन का नाम 'मिजोरम सेक्युलर अलायंस' (एमएसए) रखा गया है।

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ठळक मुद्देमिजोरम विधानसभा का कार्यकाल 17 दिसंबर को खत्म होगाइस पूर्वोत्तर राज्य में मिजो नेशनल फ्रंट सत्ता में है2018 के चुनाव में भाजपा ने पहली बार मिजोरम में खाता खोला था

Mizoram Assembly Election 2023: निर्वाचन आयोग पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करने वाला है। इन पांच राज्यों में मिजोरम भी शामिल है। मिजोरम विधानसभा का कार्यकाल 17 दिसंबर को खत्म होगा। इस पूर्वोत्तर राज्य में मिजो नेशनल फ्रंट सत्ता में है। 

साल 2018 में मिजोरम की 40 सदस्यीय विधानसभा चुनाव में मिजो नेशलन फ्रंट (एमएनएफ) ने कांग्रेस को करारी मात देते हुए 2008 के बाद सत्ता में वापसी की थी। सूबे के कुल 40 सीटों में एमएनएफ ने बहुमत हासिल करते हुए 26 सीटें जीती थीं, वहीं कांग्रेस को 26 सीटों का नुकसान हुआ था और वह सिर्फ 5 सीट पर जीत कर सत्ता से बाहर हो गई थी।

इसके अलावा साल 2018 के चुनाव में भाजपा ने पहली बार मिजोरम में खाता खोला था और 1 सीट उसके खाते में भी आयी थी। मिजोरम के तत्कालीन मुख्यमंत्री लाल थनहवला चम्फाई खुद एमएनएफ के टीजे लालनंतलुआंग से चनाव हार गये थे। वहीं साल 2013 के चुनाव की बात करें तो कांग्रेस ने कुल 40 सीटों में से 34 सीटों पर जीत हासिल की थी वहीं एमएनएफ को पांच सीटों पर संतोष करना पड़ा था।

मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा एक बार फिर से सत्ता में वापसी के प्रति आश्वस्त हैं। हालांकि कांग्रेस को उम्मीद है कि पूर्वोत्तर के इस राज्य में एक बार फिर उसकी सरकार बनेगी। 40 सदस्यीय मिजोरम विधानसभा में इस समय एमएनएफ के 28,  कांग्रेस के पांच, जेडपीएम के एक और भाजपा के एक विधायक हैं। पांच सीट पर निर्दलीय विधायक हैं। 

एमएनएफ इस बार भी अपने नेता  मुख्यमंत्री जोरामथांगा के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेगी। जोरामथंगा आइजोल पूर्व-I से चुनाव लड़ेंगे।  मुख्य मुकाबला एमएनएफ और कांग्रेस के बीच ही है। भाजपा पूरी 40 सीटों पर नहीं लड़ेगी। साल 2018 के चुनावों में कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा था। पार्टी इस सदमें से उबरकर एक बार फिर वापसी की कोशिश में है और इसके लिए दो स्थानीय पार्टियों पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (पीसी) और जोरम नेशनलिस्ट पार्टी (जेडएनपी) के साथ कांग्रेस ने इस बार गठबंधन किया है। गठबंधन का नाम  'मिजोरम सेक्युलर अलायंस' (एमएसए) रखा गया है।

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