लाइव न्यूज़ :

महाराष्ट्र प्रकरण से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व राज्यपाल ने पदों की गरिमा गिराई: अशोक गहलोत

By भाषा | Updated: November 28, 2019 05:58 IST

Ashok Gehlot: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि महाराष्ट्र के प्रकरण ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल पद की गरिमा घटाई है

Open in App
ठळक मुद्देअशोक गहलोत ने महाराष्ट्र के प्रकरण को लेकर साधा बीजेपी पर निशानागहलोत ने कहा कि इससे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल पद की गरिमा घटी

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हटाकर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री को शपथ दिलाकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और महाराष्ट्र के राज्यपाल ने अपने अपने पदों की गरिमा गिराई है। गहलोत ने बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘इस प्रकार के निर्णयों से मैं समझता हूं कि इन सबने अपनी प्रतिष्ठा खोई है, यह सब संस्थाएं हैं।

प्रधानमंत्री पद एक संस्था है, गृहमंत्री एक संस्था है, राज्यपाल महोदय एक संस्था के रूप में हैं और राष्ट्रपति महोदय हम सबके राष्ट्राध्यक्ष, ये तमाम जो संस्थाएं हैं उनकी गरिमा गिराने का अधिकार किसी को नहीं है। ...इसके लिए जनता कभी माफ नहीं करेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह घटना तो लंबे समय तक जनता के दिलों दिमाग में रहेगी जिस रूप में रात के अंधेरे में राज्यपाल महोदय रिकमेंड (सिफारिश) कर रहे हैं, राष्ट्रपति शासन समाप्त करने का, प्रधानमंत्री जी बिना कैबिनेट बुलाए रिकमेंड कर रहे हैं राष्ट्रपति महोदय को।

राष्ट्रपति महोदय पता नहीं उस वक्त क्या कर रहे थे उनको तकलीफ दी होगी उठाने की, साइन करवाए होंगे और उसके बाद में सुबह 5:47 पर राष्ट्रपति शासन समाप्त। 8:00 बजे देवेन्द्र फडणवीस और अजित पवार ने शपथ ली और 8:15 बजे प्रधानमंत्री मोदी जी का ट्वीट बधाई के लिए, पूरी सीक्वेंस जो है, बताती है कि आप देश को किस दिशा में ले जाना चाहते हो।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करना चाहिए। इससे पूर्व गहलोत ने कहा कि देश में भाजपा का ‘ग्राफ’ लगातार सिकुड़ रहा है और वह दिन दूर नहीं जब उसकी विचारधारा को देश भर में खारिज कर दिया जाएगा। गहलोत ने महाराष्ट्र चुनाव के बाद मीडिया के एक वर्ग में आये एक ‘ग्राफ’ के साथ ट्विटर पर यह बात लिखी है।

'सिमटती भाजपा' शीर्षक वाले इस ‘ग्राफ’ में दिखाया गया है कि दिसंबर 2017 में देश में भाजपा शासित इलाका 71 प्रतिशत था जो अब घटकर 40 प्रतिशत रह गया है। वहीं गैर भाजपा दलों से शासित इलाका अनुपात में बढ़ा है। उल्लेखनीय है कि मीडिया के एक वर्ग ने भाजपा शासित प्रदेशों और गैर भाजपा शासित प्रदेशों का एक ग्राफ प्रकाशित किया था। गहलोत ने लिखा है, ‘‘कांग्रेस मुक्त भारत की बात करने वालों के लिए यह तस्वीर आईने की तरह है, जनता लगातार स्पष्ट सन्देश दे रही है, विभाजनकारी और नकारात्मक सोच को नकार रही है।’’

उन्होंने लिखा है, ‘‘इस देश में तमाम विचारधाराएं हैं, लड़ाई व्यक्तिगत नहीं, विचारधारा की होनी चाहिए।’’ उन्होंने लिखा है, ‘‘बहुत जल्द ही, उनकी विचारधारा को देश भर में खारिज कर दिया जाएगा।’’ भाषा पृथ्वी कुंज अमित पवनेश पवनेश

टॅग्स :अशोक गहलोतमहाराष्ट्र
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

क्राइम अलर्टफोन, पेनड्राइव और टैबलेट में 121 अश्लील वीडियो?, रवींद्र गणपत एरंडे ने सरकारी नौकरी का वादा कर अलग-अलग होटल में कई महिलाओं का यौन शोषण किया

क्राइम अलर्टखुले कुएं में गिरी कार, परिवार के 9 सदस्यों की गई जान, समारोह में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे, वीडियो

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

क्राइम अलर्ट2 क्रेडिट सोसायटी, 132 खाते, ₹62.74 करोड़ लेन-देन?, 'धर्मगुरु' ने कैसे दौलत बनाई?

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप