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रांची में हुई हिंसा के मामले की एनआईए जांच की मांग को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर

By एस पी सिन्हा | Updated: June 16, 2022 19:17 IST

इस मामले की एनआईए जांच की मांग को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस मामले की सुनवाई 17 जून को होगी। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।

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ठळक मुद्देहाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दियाउच्च न्यायालय में इस मामले में 17 जून को होगी सुनवाईहिंसा में PFI के कनेक्शन को लेकर हो रही है जांच की मांग

रांची: रांची में 10 जून की हिंसा मामले में पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के राजनीतिक विंग एसडीपीआई (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) की संलिप्तता की जांच रांची पुलिस कर रही है। अब इस मामले की एनआईए जांच की मांग को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस मामले की सुनवाई 17 जून को होगी। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। 

इससे पूर्व आज प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन व न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए विशेष मेंशन किया गया। प्रार्थी पंकज कुमार यादव ने 10 जून को रांची के मेन रोड में हुए उपद्रव की जांच एनआईए, ईडी और आयकर विभाग से जांच कराने की मांग की है। 

प्रार्थी ने मामले में पीएफआई की भूमिका की भी जांच की मांग की है। प्रार्थी का कहना है कि सोची-समझी साजिश के तहत रांची में उपद्रव की घटना को अंजाम दिया गया है। रांची के माहौल को खराब कर आपसी भाईचारे पर आघात किया गया है।  इस बीच इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय गंभीर है। पूरे मामले में पुख्ता सबूत मिलने पर एनआईए (नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी) भी जांच शुरू कर सकती है। 

गृह मंत्रालय को अभी रांची आयुक्त व डीआईजी की साझा रिपोर्ट का इंतजार है। गृह मंत्रालय ने झारखंड सरकार से इस पर रिपोर्ट भी मांगी है। राज्य पुलिस के आला अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है कि जल्द ही पूरे मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। सूत्रों के अनुसार पुलिस को अब तक की जांच में पता चला है कि शुक्रवार की हिंसा से पहले रांची में बाहर से कई लोग आए थे। 

वहीं लोगों को पीएफआई के राजनीतिक विंग एसडीपीआई ने प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया था। इससे संबंधित कई पोस्ट सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए हैं। इनमें एसडीपीआई ने नूपुर शर्मा के बयान के खिलाफ प्रदर्शन का आह्रान किया था। पुलिस कॉल डंप के आधार पर बाहर से आए लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

सूत्रों के अनुसार रांची के हिंसा प्रभावित इलाकों में चार से दस जून की रात तक सक्रिय फोन नंबरों की जांच में कई तथ्य मिले हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि दूसरे राज्यों अथवा झारखंड के दूसरे जिलों से जारी कौन-कौन से मोबाइल सिम उस वक्त रांची में मेन रोड, हिंदपीढी, लोअर बाजार तथा डोरंडा और उसके आसपास के इलाकों में सक्रिय थे।

टॅग्स :RanchiJharkhandJharkhand High Court
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