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इलाहाबाद हाईकोर्ट: वकीलों से बक्शीश के लिए कमर पर Paytm QR Code लगाना पड़ गया भारी, कोर्ट ने किया जमादार को सस्पेंड, देखें फोटो

By आजाद खान | Updated: December 1, 2022 17:21 IST

आपको बता दें कि जब यह फोटो वायरल हुई तब इस पर कार्रवाई की गई है। वायरल फोटो को गंभीरता से लेते हुए मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति राजेश बिंदल ने कार्रवाई करने का आदेश दिया है जिसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया है।

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ठळक मुद्देइलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक जमादार को सस्पेंड कर दिया है। जमादार की एक फोटो वायरल हुई थी जिसमें वह कमर पर पेटीएम बारकोड स्कैनर लगाकर घूम रहा था। ऐसे में इलाहाबाद हाईकोर्ट के महानिबंधक आशीष गर्ग ने इस निलंबन के आदेश दिए है।

लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक कोर्ट जमादार को सस्पेंड कर दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि कोर्ट जमादार का एक फोटो वायरल हो रहा है जिसमें वह कमर पर पेटीएम बारकोर्ड लगाए घूम रहा है और इसके जरिए वह वकीलों से ऑनलाइन बख्शीश ले रहा है। 

इस फोटे के वायरल होने के बाद कोर्ट जमादार के खिलाफ कार्रवाई हुई है उसे स्सपेंड कर दिया गया है। बता दें कि कोर्ट जमादार को निलंबन करने का आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट के महानिबंधक आशीष गर्ग ने दिया है। 

क्या है पूरा मामला

दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक कोर्ट जमादार को वकीलों से पेटीएम के जरिए बख्शीश लेते हुए देखा गया है। इस बख्शीश को लेने के लिए कोर्ट जमादार अपने कमर पर पेटीएम का बार कोर्ड लगाए हुए दिख रहा है। 

ऐसे में कोर्ट में मौजूद किसी ने इस जमादार की फोटो खींच ली थी जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस तस्वीर के वायरल होने के बाद जमादार के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है। बताया जा रहा है कि इस घटना को मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति राजेश बिंदल ने गंभीरता से लिया और इसके खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। 

ऐसे में जमादार को निलंबित कर दिया गया है और निलंबन के दौरान उसकी डयूटी भी बताई गई है। 

क्या लिखा था निलंबन के आदेश में

“माननीय मुख्य न्यायाधीश के दिनांक 29.11.2022 के आदेश के तहत, माननीय श्री न्यायमूर्ति अजीत सिंह के दिनांक 29.11.2022 के पत्र पर विचार करने के बाद पारित किया गया, जिसमें न्यायालय जमादार, श्री राजेंद्र कुमार -1, कर्मचारी नंबर 5098, के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। बंडल लिफ्टर, श्री राजेंद्र कुमार- I, कोर्ट परिसर में पेटीएम वॉलेट का उपयोग करने के लिए, तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि के दौरान वह इस माननीय न्यायालय के नजारत अनुभाग से जुड़ा रहेगा और अधोहस्ताक्षरी की पूर्व स्वीकृति के बिना स्टेशन नहीं छोड़ेगा।” 

टॅग्स :Allahabad High Courtपेटीएमऑनलाइन
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