लाइव न्यूज़ :

संसदीय समिति की बैठक में कहा गया: नए आईटी कानूनों और अदालती आदेशों का पालन करें फेसबुक, गूगल

By भाषा | Updated: June 29, 2021 23:26 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 29 जून फेसबुक और गूगल के अधिकारियों ने सोशल मीडिया मंचों के दुरुपयोग के मुद्दे पर मंगलवार को सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा।

सूत्रों के मुताबिक, समिति की ओर से दोनों कंपनियों के प्रतिनिधियों से कहा गया कि वे नए आईटी नियमों, सरकार के दिशानिर्देशों और अदालती आदेशों का पालन करें। फेसबुक और गूगल के अधिकारियों को इस समिति ने समन किया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर इस समिति के अध्यक्ष हैं।

फेसबुक के भारत में लोक नीति निदेशक शिवनाथ ठुकराल और जनरल काउन्सल नम्रता सिंह ने समिति के समक्ष अपनी बात रखी। गूगल की तरफ से भारत में उसके प्रमुख अमन जैन (सरकारी मामलों एवं लोक नीति) तथा निदेशक (विधि) गीतांजलि दुग्गल ने समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा।

संसदीय समिति की बैठक का एजेंडा नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना और सोशल मीडिया/ऑनलाइन समाचार मीडिया मंचों के दुरुपयोग को रोकना था। सूत्रों के मुताबिक, फेसबुक और गूगल के प्रतिनिधियों से कहा गया है कि उनकी मौजूदा डेटा सुरक्षा एव निजता संबंधी नीति में खामियां हैं और उन्हें अपने उपयोक्ताओं के डेटा की निजता और सुरक्षा के लिए कड़े मानक तय करने होंगे।

सूत्रों ने बताया कि समिति के अध्यक्ष थरूर ने सोशल मीडिया मंचों पर महिला यूजर्स की निजता को लेकर चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा कि उन्हें कई महिला सांसदों की तरफ शिकायतें मिली हैं।

बाद में गूगल ने एक बयान में कहा कि उसने भारत में स्थानीय कानूनों के अनुपालन में उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित रखने के अपने प्रयासों के हिस्से के रूप में उत्पाद परिवर्तन, संसाधनों और कर्मियों में लगातार निवेश किया है।

गूगल के एक प्रवक्ता ने कहा, '' हम नीति निर्माताओं के साथ वार्ता के अवसर का सदैव स्वागत करते हैं। साथ ही हमारे मंच पर उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी साझा करते हैं।''

इस बीच, फेसबुक की तरफ से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।

इससे पहले फेसबुक के प्रतिनिधियों ने संसदीय समिति को सूचित किया था कि कोविड संबंधी प्रोटोकॉल के चलते उनकी कंपनी की नीति उनके अधिकारियों को भौतिक मौजूदगी वाली बैठकों में जाने की अनुमति नहीं देती है। हालांकि, समिति के अध्यक्ष थरूर ने फेसबुक से कहा कि उसके अधिकारियों को बैठक में पहुंचना होगा क्योंकि संसदीय सचिवालय डिजिटल बैठक की अनुमति नहीं देता है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारPetrol-Diesel Price Today: ग्लोबल टेंशन के बीच तेल कंपनियों ने जारी किए नए दाम, जानें आज कितनी ढीली होगी जेब

भारतWest Bengal Assembly Eelections 2026: AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन, बंगाल में स्वतंत्र लड़ने का एलान

विश्वअविश्वास के घने कोहरे में विश्वास की खोज !

स्वास्थ्यहोम्योपैथी: विज्ञान और दर्शन का संगम

विश्वअमेरिका-ईरान युद्धविरामः डोनाल्ड ट्रंप को नहीं पाक पीएम शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को नोबेल शांति पुरस्कार दो?, पाकिस्तान ने मांग उठाई?

भारत अधिक खबरें

भारतआरएसएस-भाजपाः लगातार बढ़ते पेड़ पर अनगिनत फल लगे हैं?

भारतगुजरात की पार्षद ने BJP छोड़ी, कांग्रेस में शामिल हुईं, फिर कुछ ही घंटों में ही कर ली 'घर वापसी'

भारतAssembly Elections 2026: असम में 85.65% में मतदाताओं की भागीदारी, केरल में 78.24%, तो पुडुचेरी में 89.08% रही वोटिंग

भारतअपने जन्मदिन से पहले, अनंत अंबानी ने गुजरात के सालंगपुर मंदिर स्थित गौशाला को दान किए ₹10 करोड़

भारतपरिसीमन 2026: ‘I-YUVA फॉर्मूला’ के साथ संतुलित लोकतंत्र की नई दिशा