लाइव न्यूज़ :

'खेत ठाकुर का... बैल ठाकुर का...' पर मची रार, जदयू एमएलसी संजय सिंह ने कहा, "मनोज झा माफी मांगे"

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: September 29, 2023 08:12 IST

राजद सांसद मनोज झा ने संसद में चर्चा के दौरान ओम प्रकाश वाल्मीकि की लिखी कविता 'ठाकुर का कुंआ' को पढ़ी। इस बात को लेकर जदयू नेता उनसे नाराज हैं और लगातार हमलावर हैं।

Open in App
ठळक मुद्देबिहार की सियासत में ओम प्रकाश वाल्मीकि की कविता 'ठाकुर का कुंआ' के कारण मचा घमासान राजद-जदयू के नेता आमने-सामने है क्योंकि राजद सांसद मनोज झा ने संसद में कविता को पढ़ी थीमनोज झा ने संसद में बहस के दौरान मोदी सरकार पर हमला करने के लिए 'ठाकुर का कुंआ' को पढ़ी थी

पटना: बिहार की सियासत में इस वक्त ओम प्रकाश वाल्मीकि की लिखी कविता 'ठाकुर का कुंआ' विवाद की वजह बनी हुई है। महागठबंधन की साझा सरकार चला रहे राजद और जदयू के नेता आमने-सामने है क्योंकि राजद सांसद मनोज झा ने संसद के विशेष सत्र के दौरान राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर बहस के दौरान मोदी सरकार पर हमला करने के क्रम में 'ठाकुर का कुंआ' को पढ़ी थी।

इस मामले को लेकर जदयू के राजपूत नेता राजद सांसद झा पर हमलावर हैं, वहीं दूसरी ओर राजद बेहद मजबूती के साथ मनोज झा के साथ खड़ी है और समाजवाद की बात करते हुए उनका बचाव कर रही है। लेकिन जदयू के राजपूत नेता इस मामले में मनोज झा की आलोचना करने से मान नहीं रहे हैं।

ताजा घटनाक्रम में जदयू एमएलसी संजय सिंह ने बीते गुरुवार को राजद सांसद मनोज झा की जमकर आलोचना की। संजय सिंह ने कहा, "ऐसे बयान समाज में विभाजन पैदा करते हैं। हम सभी जाति और धर्म के लोगों को एकजुट करने वाले नीतीश कुमार के साथ हैं। मनोज झा को इसका करारा जवाब मिलेगा। यह अशोभनीय बयान है। उन्हें माफी मांगनी चाहिए।"

जेडीयू एमएलसी ने कहा, "मनोज झा राज्यसभा के सदस्य हैं। उनका बयान निंदनीय है। मुझे तो यहां तक ​​लगता है कि वह दिल्ली यूनिवर्सिटी में ऐसे ही प्रोफेसर बन गए। मैं उन्हें ऐसी टिप्पणियों के खिलाफ चेतावनी देता हूं।"

मालूम हो कि कि पिछले हफ्ते राज्य सभा में महिला कोटा विधेयक पर चर्चा के दौरान राजद सांसद मनोज झा द्वारा पढ़ी गई 'ठाकुरों' पर एक कविता की तीखी आलोचना हुई थी क्योंकि कई राजनीतिक नेताओं ने इसकी निंदा की थी और उनसे माफी की मांग की थी।

महिला कोटा विधेयक में ओबीसी को ध्यान में रखने की मांग के बीच मनोज झा ने कवि ओम प्रकाश वाल्मिकी द्वारा लिखित कविता 'ठाकुर का कुआं (कुआं)' का पाठ किया था। इस बीच, जदयू अध्यक्ष ललन सिंह ने राजद सांसद की टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि यह किसी विशेष जाति पर लक्षित नहीं है।

ललन सिंह ने कहा, "मनोज झा द्वारा दिया गया भाषण अपने आप में एक प्रमाण है कि यह किसी विशेष जाति या धर्म पर लक्षित नहीं था। भारतीय जनता पार्टी का काम समाज में तनाव पैदा करना और भावनाओं को भड़काकर वोट आकर्षित करना है।"

टॅग्स :मनोज झाजेडीयूआरजेडीमहागठबंधनबिहारLalan Singh
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेपटना स्थित राज्य महिला आयोग के दफ्तर में प्रेमी जोड़े ने की शादी, लड़के ने आयोग के सदस्यों की मौजूदगी में लड़की की मांग भरी

क्राइम अलर्ट2017 में रानी कुमारी से शादी, एक बेटा हुआ?, ससुराल बुलाकर पत्नी ने प्रेमी मो. शहजाद के साथ मिलकर पति महेश्वर राय को मार डाला, दुपट्टे से गला घोंटा

भारतमुख्यमंत्री नीतीश को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा को लेकर सियासत, तेजस्वी ने कहा- ‘असम्‍मान जनक विदाई’, नीरज कुमार बोले- लालू जी की तरह परिवार को सीएम नहीं बनाएंगे?

क्राइम अलर्ट2020 में दोस्ती और 5 साल लिव इन में रहे?, 20 फरवरी 2026 को पटना में शादी, पति नीरज भंसाल मांगता है दहेज, 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ईशिता ने की सुसाइड?

क्राइम अलर्टपड़ोस की युवती से बातचीत, विक्रम मंडल को 3 युवतियों ने पीट पीटकर मार डाला, परिवार में कोहराम

भारत अधिक खबरें

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

भारतLPG Cylinder Update: सिलेंडर के लिए अब लंबी वेटिंग खत्म! दिल्ली में बस ID कार्ड दिखाओ और 5KG सिलेंडर पाओ

भारतबाबा विश्वनाथ और ‘काशी कोतवाल’ काल भैरव में दर्शन-पूजन, सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे मंदिर, वीडियो

भारतपश्चिम बंगाल चुनावः 4660 अतिरिक्त मतदान केंद्र?, कुल संख्या 85379 और 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में पड़ेंगे वोट

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"