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नीतीश सरकार शराबियों पर हुई नरम, शराबी अब जुर्माना देकर भी बच सकते हैं जेल जाने से

By एस पी सिन्हा | Updated: March 30, 2022 20:16 IST

नीतीश सरकार द्वारा लागू किये गये छह साल पुराने शराबबंदी कानून में होने वाले सबसे बड़े संशोधन को विधानसभा ने अपनी मंजूर दे दी है। इसके तहत अब पहली बार शराब पीकर पकड़े जाने पर शराबी जेल जाने की बजाय जुर्माना देकर छूट सकता है।

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ठळक मुद्देराज्यपाल की संस्तुति के बाद बिहार में शराबबंदी संशोधन अधिनियम 2022 लागू हो जाएगाशराबबंदी कानून में बदलाव का मुख्‍य उद्देश्य अदालतों में शराबबंदी के मामलों को कम करना हैनये कानून के मुताबिक पहली बार शराब पीने वाले जुर्माना देकर जेल जाने से छूट प्राप्त कर सकेंगे

पटना: बिहार में शराब पीने वाले पर की जाने वाली सख्‍ती को अब नीतीश सरकार कम करने जा रही है। बिहार पुलिस शराबियों को पकड़कर जेल भेजने की बजाय उनसे जुर्माना वसूल कर छोड़ भी सकती है। राज्य में शराबबंदी कानून में आज बड़े बदलाव को विधानसभा से मंजूरी मिल गई है।

नीतीश सरकार द्वारा लागू किये गये छह साल पुराने शराबबंदी कानून में होने वाले सबसे बड़े संशोधन को विधानसभा ने अपनी मंजूर दे दी है। इसके तहत अब पहली बार शराब पीकर पकड़े जाने पर शराबी जेल जाने की बजाय जुर्माना देकर छूट सकता है।

विधानमंडल से इस संशोधन को मंजूरी मिल चुकी है और अब इसे राज्‍यपाल के पास संस्तुति के लिए भेजा जाएगा। इस प्रकार राज्‍यपाल की स्‍वीकृति के साथ ही बिहार में शराबबंदी संशोधन अधिनियम 2022 लागू हो जाएगा। राज्य के मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार ने सदन में मद्य निषेध और उत्‍पाद संशोधन विधेयक 2022 पेश किया।

संशोधन को नीतीश कैबिनेट ने पहले ही मंजूरी दे दी थी। इस कानून के जरिए मुख्‍य जोर अदालतों पर शराबबंदी के मामलों का बढ़ता बोझ कम करने का मकसद है। वहीं विधानसभा में सरकार के इस कदम के साथ ही यह भी साफ हो गया है कि राज्‍य में शराबबंदी कानून आगे भी लागू रहेगा।

जानकारी के मुताबिक जुर्माने की राशि का विधेयक में उल्लेख नहीं किया गया है। इसे सरकार अलग से नियमावली जारी करेगी। पहली बार शराब पीने वाले जुर्माना देकर जेल जाने से छूट सकेंगे और अगर वे जुर्माना नहीं दे पाते हैं तो उन्‍हें एक महीने के लिए जेल जाना होगा।

बार-बार शराब पीने वालों को जुर्माना देने के साथ जेल भी जाना पड़ सकता है। संशोधित कानून में और क्या-क्या प्रावधान होंगे इसकी नियमावली बनेगी। विधेयक को कानून बनने में अभी दो प्रक्रियाएं और शेष हैं।

राज्य में अप्रैल 2016 को शराबबंदी लागू हुई थी और काफी संख्या में निर्दोष लोगों को जेल भेजने के आरोप लगे थे। मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि शराब पीने वालों को अब जुर्माना लेकर छोड़ा जाएगा।

जुर्माने की राशि राज्य सरकार तय करेगी। उन्होंने कहा कि निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा। लेकिन दोषियों को छोड़ा भी नहीं जाएगा। बार-बार पकड़े जाने पर उसे जेल जाना ही होगा। सभी बिन्दुओं पर विचार के बाद संशोधन किया गया है।

टॅग्स :शराबबिहारनीतीश कुमारपटनाBihar Police
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