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ट्विटर को सरकार का तीखा जवाब, सबसे बड़े लोकतंत्र पर शर्तें थोपने की बजाय कानून का पालन करें

By विनीत कुमार | Updated: May 27, 2021 20:08 IST

भारत में नए आईटी नियमों पर ट्विटर के बयान को लेकर केंद्र सरकार ने नाराजगी जताई है। सरकार की ओर से कहा गया कि ट्विटर का आधारहीन और झूठा है। साथ ही सरकार ने इसे भारत को बदनाम करने की कोशिश बताया। 

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ठळक मुद्देनए आईटी नियमों को लेकर ट्विटर की ओर से अभिव्यक्ति की आजादी को खतरे में बताने पर सरकार का आया जवाबकेंद्र सरकार ने कहा- घुमा-फिरा कर बात करने की बजाय ट्विटर को कानून का पालन करना चाहिए सरकार ने साथ ही कहा कि भारत की कानूनी नीति की रूपरेखा क्या होनी चाहिए, ये ट्विटर तय नहीं कर सकता

भारत में नए आईटी नियमों को लेकर ट्विटर की ओर से अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा उठाए जाने के बाद सरकार की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। केंद्र सरकार ने कहा है कि सोशल मीडिया साइट को घुमा-फिरा कर बात करने और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर आदेश चलाने की जगह कानून का पालन करना चाहिए।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ट्विटर के बयान को आधारहीन और झूठा बताते हुए इसे भारत को बदनाम करने की कोशिश बताया। 

मंत्रालय की ओर से सख्त लहजे में कहा गया, 'ट्विटर को इधर-उधर की बात करने की बजाय कानून का पालन करने की जरूरत है। कानून बनाना और नीति बनाना किसी बस संप्रभु देश का विशेषाधिकार है और ट्विटर सिर्फ एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है। भारत की कानूनी नीति की रूपरेखा क्या होनी चाहिए, यह तय करने में उसकी कोई भूमिका नहीं हो सकती है।'

सरकार ने साथ ही कहा कि भारत में सदियों से स्वतंत्र और लोकतांत्रिक प्रथाओं की परंपरा रही है। सरकार ने कहा, 'भारत में अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा करना केवल एक निजी, लाभकारी, विदेशी संस्था जैसे ट्विटर का विशेषाधिकार नहीं है, बल्कि यह है दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और इसके मजबूत संस्थानों की भी प्रतिबद्धता है।'

ट्विटर ने आईटी नियमों पर क्या कहा था?

इससे पहले ट्विटर ने कहा था कि वह भारत में अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए संभावित खतरे के बारे में चिंतित है।

इस पर भी सरकार का जवाब आया। सरकार की ओर से कहा गया ट्विटर सहित सोशल मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधि, 'भारत में हमेशा सुरक्षित हैं और रहेंगे' और 'उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है।'

वहीं, ट्विटर के प्रवक्ता ने कहा, ‘भारत और दुनिया भर में नागरिक समाज के कई लोगों के साथ ही हम पुलिस द्वारा धमकाने की रणनीति के इस्तेमाल से चिंतित हैं।’ ट्विटर ने कहा कि वह कानून के दायरे में रहकर पारदर्शिता के सिद्धांतों, हर आवाज को सशक्त बनाने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और गोपनीयता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। 

बता दें कि दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने सोमवार को कथित कांग्रेस के ‘टूलकिट’ के बारे में एक शिकायत की जांच के संबंध में ट्विटर इंडिया को नोटिस भेजा था। बाद में दिल्ली के लाडो सराय और गुरुग्राम में ट्विटर के दफ्तरों पर पुलिस के दो दल भी पहंचे थे।

टॅग्स :ट्विटरनरेंद्र मोदीसोशल मीडिया
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