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Nepal rain Bihar devastation: नेपाल के तराई इलाकों में मूसलाधार बारिश, बिहार में बहने वाली नदियों ने कोहराम मचाना शुरू किया, सीएम नीतीश ने किया हवाई सर्वेक्षण

By एस पी सिन्हा | Updated: July 8, 2024 15:01 IST

Nepal rain Bihar devastation: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साथ में मौजूद विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिया।

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ठळक मुद्देनीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार की नदियों का हवाई सर्वेक्षण किया। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज में नदियों के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया।भारत नेपाल सीमा पर स्थित गंडक बराज का भी निरीक्षण किया है।

Nepal rain Bihar devastation: नेपाल के तराई इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश से बिहार में बहने वाली नदियों ने कोहराम मचाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का संकट पैदा हो गया है। हालत यह है कि इंडिया-नेपाल सीमा के मुख्य सड़क पर तीन फीट तक बाढ़ का पानी बह रहा है। उत्तर बिहार में बाढ़ के हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार की नदियों का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री के साथ विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साथ में मौजूद विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज में नदियों के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया। इसके साथ ही साथ उन्होंने भारत नेपाल सीमा पर स्थित गंडक बराज का भी निरीक्षण किया है। सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर के जरिए हवाई सर्वेक्षण के लिए रवाना हुए थे।

बता दें कि उत्तर बिहार और नेपाल के तराई इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण बिहार की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तीन दिन पहले नेपाल के देवघाट से काली गंडकी नदी में 5 लाख 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसके बाद वाल्मीकि नगर बैराज से साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ा था।

इससे कोसी और गंडक सहित कई नदियों का जलस्तर अचानक से बढ़ गया। नतीजतन बगहा, बेतिया, गोपालगंज, छपरा और मुजफ्फरपुर से होकर गुजरने वाले गंडक नदी के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। निचले इलाकों में नदियों का पानी तेजी से फैल रहा है। वहीं, कोसी नदी ने रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है।

इस वक्त कोसी नदी अपने पूरे उफान पर है जिससे तटबंध के भीतर बसने वाले लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। तटबन्ध के भीतर बसे लोगों को बाहर निकलने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बना हुआ है। मवेशियों के चारे के साथ-साथ लोगों को खाने-पीने की समस्या उत्पन्न हो गई है। यही वजह है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज हवाई सर्वे कर स्थिति का जायजा लिया है।

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