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करीब 50 नगा विद्रोहियों के राष्ट्रीय मुख्यधारा में शामिल होने की संभावना :सैन्य सूत्र

By भाषा | Updated: December 26, 2020 19:02 IST

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नयी दिल्ली, 26 दिसंबर नगा अलगाववादी संगठन एनएससीएन(के) से टूट कर अलग हुए एक समूह से जुड़े करीब 50 विद्रोहियों के राष्ट्रीय मुख्यधारा में शामिल होने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसी सूत्रों ने यह शनिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि नगा विद्रोहियों के इस समूह को भारतीय थल सेना और म्यामां के सैन्य बलों के बीच दोनों देशों की सीमा पर सहयोग बढ़ने के बाद अपने अस्तित्व पर खतरा मंडराता नजर आ रहा है।

उन्होंने बताया कि सेना, राज्य सुरक्षा बलों और सैन्य खुफिया एजेंसी द्वारा पिछले कुछ महीनों में की गई संयुक्त कोशिशों के परिणामस्वरूप निकी सुमी के नेतृत्व वाले समूह ने आत्मसमर्पण करने का फैसला किया है। यह नगा शांति प्रक्रिया में काफी मददगार साबित होगा।

थल सेना प्रमुख एम एम नरवणे की हाल ही में मयामां की एक यात्रा के बाद भारत-म्यामां सीमा प्रबंधन पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच समग्र सहयोग एवं समन्वय बेहतर हुआ है।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘थल सेना प्रमुख की हालिया म्यामां यात्रा के दौरान सैन्य क्षेत्र में उनके द्वारा की गई कूटनीतिक कोशिशों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।’’

अक्टूबर में, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला के साथ जनरल नरवणे ने म्यामां की सांस्कृतिक यात्रा की थी, जिस दौरान भारत ने म्यामां नौसेना को एक हमलावर पनडुब्बी की आपूर्ति करने का फैसला किया था। इसके अलावा, संपूर्ण सैन्य एवं रक्षा संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर भी सहमति बनी थी।

उग्रवाद प्रभावित दो राज्य, नगालैंड एवं मणिपुर सहित पूर्वोत्तर के कुछ अन्य राज्यों की सीमा भी म्यामां से लगी हुई है। भारत की कुल 1,640 किमी लंबी सीमा इस पड़ोसी देश के साथ लगी हुई है।

एनएससीएन (खापलांग) और कई अन्य नगा उग्रवादी संगठन नगा आबादी वाले सभी इलाकों (असम, मणिपुर और अरूणाचल प्रदेश के इलाकों) को शामिल कर ‘वृहद नगालैंड’ के गठन की मांग कर रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि एनएससीएन(के) से टूट कर अलग हुए समूह के एक मुख्य नेता स्टारसन लमकांग 52 सदस्यों (कैडर) के साथ अभी नगालैंड के फेक जिले में सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण करने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं।

उन्होंने बताया कि समूह के आठ और सदस्यों के भी आत्मसमर्पण करने की संभावना है, जिसके बाद यह संख्या बढ़ कर 60 हो जाएगी।

सूत्रों ने बताया कि एनएससीएन (के-युंग अंग) से टूट कर अलग हुए निकी सुमी नीत समूह में 60 से अधिक विद्रोही हैं।

सूत्रों ने बताया कि सुमी, एनएससीएन (के)समूह का एक प्रमुख कमांडर रह चुका है।

वह मणिपुर में जून 2015 में एनएससीएन (के) द्वारा सेना के एक काफिले पर किए गए हमले का भी मुख्य आरोपी है। इस हमले में 18 सैन्य कर्मी शहीद हो गए थे।

सुमी के सिर पर 10 लाख रुपये का इनाम है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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