नायडू ने टीबी उन्मूलन के लिए लैंगिक-संवेदनशील दृष्टिकोण सुनिश्चित करने का आह्वान किया

By भाषा | Updated: December 16, 2021 21:57 IST2021-12-16T21:57:49+5:302021-12-16T21:57:49+5:30

Naidu calls for ensuring gender-sensitive approach to TB eradication | नायडू ने टीबी उन्मूलन के लिए लैंगिक-संवेदनशील दृष्टिकोण सुनिश्चित करने का आह्वान किया

नायडू ने टीबी उन्मूलन के लिए लैंगिक-संवेदनशील दृष्टिकोण सुनिश्चित करने का आह्वान किया

नयी दिल्ली, 16 दिसंबर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने संसद सदस्यों , विधानसभाओं और ग्राम प्रधानों से तपेदिक उन्मूलन के लिए लैंगिक-संवेदनशील दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए जिला और उप-जिला स्तरों पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने का बृहस्पतिवार को आह्वान किया।

तपेदिक (टीबी) के खिलाफ महिलाओं की जीत पर राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए, उन्होंने जन-प्रतिनिधियों को सार्वजनिक बातचीत में सक्रिय भूमिका निभाते हुए टीबी के खिलाफ लड़ाई में जन जागरूकता अभियान में ‘‘उत्प्रेरक’’ बनने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ‘‘निर्वाचित प्रतिनिधियों के रूप में, आप भी 2025 तक ‘टीबी मुक्त भारत’ के इस मिशन को पूरा करने के लिए जिम्मेदार हैं। मैं सांसदों, विधायकों और ग्राम प्रधानों को टीबी उन्मूलन के लिए एक लैंगिक-संवेदनशील दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के वास्ते नियमित जिला और उप-जिला स्तर की समीक्षा बैठकों को करने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘टीबी के प्रभाव इसके शारीरिक प्रभाव से परे हैं। यह बीमारी लोगों के जीवन पर पर्याप्त आर्थिक और सामाजिक प्रभाव डालती है।’’

उपराष्ट्रपति ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से बीमारी के बारे में बेहतर और समुचित परामर्श, निक्षय पोषण योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से बेहतर पोषण सहायता और टीबी से पीड़ित बच्चों, गर्भवती और प्रसवोत्तर महिलाओं पर विशेष ध्यान देने जैसे उपायों के माध्यम से इसका मुकाबला करने का आह्वान किया।

उन्होंने राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों से घर-घर जाकर स्क्रीनिंग करने के लिए सक्रिय कदम उठाने का आग्रह किया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि हर साल लगभग चार लाख लोग टीबी से मरते हैं और उनमें से ज्यादातर 25-55 वर्ष की आयु के होते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाना जरूरी है। हालांकि विश्व का लक्ष्य 2030 है, लेकिन हमारा लक्ष्य 2025 है और हम इसके लिए लगातार काम कर रहे हैं।’’

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि 2020 में 6.4 लाख महिलाएं टीबी से पीड़ित थीं। उन्होंने कहा, ‘‘देश में टीबी के खिलाफ लड़ना हमारी जिम्मेदारी है। कुछ लोगों का मानना है कि महिलाओं के मुद्दों को केवल महिलाओं द्वारा ही हल किया जा सकता है, लेकिन हमने देखा है कि पुरुष भी महिलाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी समस्याओं को हल करते हैं, और एक साथ टीबी से लड़ना उसी का एक उदाहरण है।

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Web Title: Naidu calls for ensuring gender-sensitive approach to TB eradication

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