लाइव न्यूज़ :

मकान खाली नहीं करने के लिए चालाकी कर रहा था किराएदार, कोर्ट ने फटकार लगाकर याचिका की खारिज

By सौरभ खेकडे | Updated: February 16, 2022 21:06 IST

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने मामले में किराएदार को फटकार लगाते हुए याचिका खारिज कर दी. किराएदार दलील दे रहा था कि अब मकान मालिक का कोई भी सदस्य अब नागपुर नहीं आता है. ऐसे में किराएदार से मकान खाली नहीं करवाना चाहिए.

Open in App
ठळक मुद्देमामला लंबित रखने के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहा था किराएदारहाईकोर्ट ने पकड़ ली चालाकी, फटकार लगा कर याचिका खारिज कीकहा मकानमालिक को ना सिखाए, संपत्ति का इस्तेमाल कैसे करना है

नागपुर: घर, दुकान या कोई जगह किराए पर देने के बाद कई बार किराएदार उसे खाली नहीं करता. देश की विविध अदालतों में इस प्रकार के अनेकों मामले लंबित है. कई मामलों में तो पक्षकार द्वारा न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होता नजर आता है. 

नई-नई याचिका और अर्जी अदालत में दायर की जाती है, जिससे मुकदमे दशकों तक लंबित रहते हैं. ऐसे ही एक मामले में बंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने किराएदार की चालाकी पकड़ ली. ना केवल किराएदार, बल्कि उसके वकील को भी कड़ी फटकार लगा कर याचिका खारिज कर दी. 

मकान मालिक नागपुर नहीं आता...

यह किराएदार हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में दलील दे रहा था कि मकान मालिक का परिवार आर्थिक रूप से समृद्ध है और अब उनका कोई भी सदस्य नागपुर नहीं आता है. ऐसे में किराएदार से मकान खाली नहीं करवाना चाहिए. लेकिन न्यायमूर्ति रोहित देव की खंडपीठ ने किराएदार और उसके वकील को ऐसी बचकानी दलीलों के लिए आड़े हाथों लिया. 

अदालत ने दो टूक कहा दिया कि किराएदार अपने मकान मालिक को न सिखाए कि वह अपनी संपत्ति का उपयोग कैसे करता है. 

हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी दलीलों से तो यह सिद्ध होता है कि याचिकाकर्ता और उसका वकील कितनी लापरवाही के साथ हाईकोर्ट में मुकदमा लड़ रहे हैं. बगैर तथ्यों की इस याचिका से तो यही सिद्ध होता है कि याचिकाकर्ता केवल मामले को लंबित रखने के लिए इस तरह के पैंतरे आजमा रहे हैं.

बयान बदलने की अनुमति मांगी थी

नागपुर के टेलिफोन एक्सचेंज चौक स्थित मकानमालिक ने अपने ही किराएदार के खिलाफ निचली अदालत में ‘इविक्शन’ का मुकदमा दायर कर रखा है. निचली अदालत में मुकदमा काफी आगे बढ़ चुका है. मकानमालिक और किराएदार के बयान दर्ज हो चुके हैं. अब किराएदार को अपना बयान बदलने की इच्छा हुई. 

उसने निचली अदालत में अर्जी दायर की, तो निचली अदालत ने उसे खारिज कर दिया. जिसके बाद किराएदार ने हाईकोर्ट की शरण ली थी.

टॅग्स :नागपुरबॉम्बे हाई कोर्ट
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्ट8 महिला श्रमिकों की मौत, नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रक-टेम्पो में टक्कर

भारततीन मेमू ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनें प्रभावित, बालाघाट-इतवारी मेमू पटरी से उतरी, कामठी और कलमना के बीच हादसा

भारतनीतीश कुमार के बाद कौन बनेगा मुख्यमंत्री?, दिल्ली से लेकर नागपुर तक दौड़ लगा रहे भाजपा नेता, देखिए लिस्ट में कौन शामिल?

भारतकौन थे दत्ता मेघे?, 89 वर्ष की आयु में निधन

ज़रा हटकेराष्ट्रतेज-राष्ट्रप्राण-राष्ट्रध्वज!, विदर्भ के सबसे ऊंचे राष्ट्रध्वज को मुख्यमंत्री ने राष्ट्र को किया समर्पित, नागपुर के कस्तूरचंद पार्क में लगाया गया भव्य तिरंगा, फोटो

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील