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अयोध्या: बाबरी मस्जिद के मलबे पर दावा करने को तैयार मुस्लिम पक्ष, जानें हिंदू पक्ष ने क्या कहा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 29, 2019 13:25 IST

करीब 70 साल तक चले अदालती विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट ने विवादित जमीन को हिंदुओं का बताया। फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 2.77 एकड़ की विवादित भूमि पर राम मंदिर निर्माण का फैसला दिया है। कोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को दूसरी जगह पर 5 एकड़ वैकल्पिक भूमि दिए जाने आदेश दिया है।

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ठळक मुद्देऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के महासचिव खालिक अहमद खान ने कहा- हम बाबरी मस्जिद के मलबे और नींव पर अपना दावा करेंगे क्योंकि ढांचा मुस्लिमों का है। अहमद खान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार किया है कि मुस्लिमों ने मस्जिद में 300 सालों से भी ज्यादा समय तक नमाज अदा की थी। 

सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या विवाद का फैसला मंदिर के पक्ष में सुनाए जाने के बाद मुस्लिम पक्ष ने बाबरी मस्जिद के मलबे पर अपना दावा करने का फैसला किया है। इस मसले पर हिंदू पक्ष की तरफ से भी कोई आपत्ति नहीं जताई गई है। TOI की खबर के मुताबिक रामला विराजमान के पक्षकार त्रिलोकी नाथ पांडे ने कहा कि वे मलबा ले जा सकते हैं क्योंकि यह उनका है। इस पर हमें कोई आपत्ति नहीं है। यह भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक होगा।

वहीं ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के महासचिव खालिक अहमद खान ने कहा- हम बाबरी मस्जिद के मलबे और नींव पर अपना दावा करेंगे क्योंकि ढांचा मुस्लिमों का है। अहमद खान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार किया है कि मुस्लिमों ने मस्जिद में 300 सालों से भी ज्यादा समय तक नमाज अदा की थी। 

अहमद खान ने यह पूछे जाने पर कि क्या वे मलबे को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक दी जाने वाली 5 एकड़ जमीन पर ले जाएंगे तो उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद के बदले हम कोई जमीन सरकार से नहीं लेंगे। जमीन का ममला ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में लिया जाएगा।

गौरतलब है कि अयोध्या के विवादित भूमि मामले पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर निर्माण के पक्ष में फैसला दिया और मुस्लिम पक्ष को दूसरी जगह पर 5 एकड़ भूमि दिए जाने का आदेश दिया है।   

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