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Mukhtar Ansari: अब्बास अंसारी भारी सुरक्षा के बीच पहुंचे गाजीपुर, मुख्तार अंसारी की कब्र पर पढ़ेंगे 'फातिहा'

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: April 10, 2024 14:07 IST

उत्तर प्रदेश के मऊ सदर के विधायक अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुलिस बुधवार को बेहद कड़ी सुरक्षा में कासगंज जेल से लेकर गाजीपुर जेल पहुंच गई है।

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ठळक मुद्देजेल में बंद सुभासपा के मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी भारी सुरक्षा में पहुंचे गाजीपुरविधायक अब्बास अंसारी अपने मरहूम पिता मुख्तार अंसारी की कब्र पर 'फातिहा' पढ़ने जाएंगेकासगंज जेल में बंद अब्बास अंसारी सुप्रीम कोर्ट से इजाजत लेकर गाजीपुर पहुंचे हैं

ग़ाज़ीपुर: उत्तर प्रदेश के मऊ सदर के विधायक अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुलिस बुधवार को बेहद कड़ी सुरक्षा में कासगंज जेल से लेकर गाजीपुर जेल पहुंच गई है। सुहैलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) विधायक अब्बास अंसारी अपने मरहूम पिता मुख्तार अंसारी की कब्र पर जाएंगे और वहां पर आयोजित 'फातिहा' समारोह में शिरकत करेंगे।

माफिया से नेता बने मुख्तार अंसारी की हाल ही में उत्तर प्रदेश के बांदा के एक अस्पताल में कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई।

बीते मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद अब्बास अंसारी को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अपने दिवंगत पिता मुख्तार अंसारी के 'फातिहा' समारोह में शामिल होने की अनुमति दी थी।

अपने पिता के 'फातिहा' समारोह में शामिल होने की अनुमति मांगने वाली अब्बास अंसारी की याचिका 9 अप्रैल को न्यायमूर्ति सूर्यकांत और केवी विश्वनाथन की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई। पीठ ने कहा कि उसे "कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति देने से इनकार करने का कोई कारण नहीं दिखता।"

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि अब्बास अंसारी को 13 अप्रैल तक कासगंज जेल वापस लाया जाए।

शीर्ष अदालत ने अब्बास अंसारी को 11 और 12 अप्रैल को अपने परिवार से मिलने की भी अनुमति दी और पुलिस अधिकारियों को आगंतुकों की तलाशी लेने का निर्देश दिया, यह सुनिश्चित करते हुए कि कोई हथियार नहीं लाया जाए। इसने अब्बास अंसारी को यात्रा के दौरान मीडिया को संबोधित नहीं करने के लिए भी कहा।

अब्बास अंसारी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने शीर्ष अदालत से आग्रह किया कि उनके मुवक्किल को अनुष्ठान में शामिल होने और कुछ दिनों के लिए अपने परिवार से मिलने की अनुमति दी जाए।

उत्तर प्रदेश सरकार ने अब्बास अंसारी की याचिका पर आपत्ति जताई थी। प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया था कि वह गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपों का सामना कर रहा है और उस पर चित्रकूट जेल से एक गिरोह चलाने का आरोप था इसलिए उसे कासगंज जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था।

टॅग्स :मुख्तार अंसारीगाजीपुरसुप्रीम कोर्टजेल
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