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गाजीपुर बॉर्डर पर और अधिक किसान उमड़े , अतिरिक्त सुरक्षा बल को हटाया गया

By भाषा | Updated: January 29, 2021 15:51 IST

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नयी दिल्ली, 29 जनवरी नये कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर जमे भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के सदस्यों का साथ देने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश से करीब 1000 किसान शुक्रवार को गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे। वहीं, हरियाणा से कई किसानों ने आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली से लगी सीमा की ओर बढ़ने का फैसला किया है।

यूपी गेट प्रदर्शन स्थल खाली करने के संबंध में गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) प्रशासन के अल्टीमेटम से सहमत नहीं होते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद तथा बुलंदशहर से और भी किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए आज सुबह यूपी गेट पहुंचे। बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने इस संबंध में किसानों से एक भावुक अपील की थी।

बृहस्पतिवार की रात प्रदर्शनकारियों की संख्या घट कर करीब 500 रह गई थी जो अब लगभग 1000 किसानों के आने के बाद से बढ़ गई है।

समर्थकों के साथ टिकैत दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर प्रदर्शन स्थल पर डटे हुए हैं, जिसके दोनों ओर अवरोधक लगा दिये गये हैं ।

हालांकि, प्रदर्शन स्थल पर तैनात किये गये अतिरिक्त सुरक्षा बलों को वापस भेज दिया गया है।

हरियाणा के विभिन्न हिस्सों से कई किसानों ने भी केंद्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं की ओर बढ़ने का फैसला किया और उन्होंने किसान नेताओं को लुकआउट नोटिस जारी किये जाने तथा प्रदर्शन स्थल खाली करने के गाजियबाद प्रशासन के अल्टीमेटम के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने दावा किया कि लुकआउट नोटिस जारी किये जाने और किसानों के प्रदर्शन स्थल खाली करने को कहे जाने से यह आंदोलन कमजोर नहीं पड़ने जा रहा है।

हरियाणा के किसान नेताओं ने दावा किया कि जींद, कैथल, हिसार, भिवानी और सोनीपत से काफी संख्या में किसान टीकरी, सिंघू और गाजीपुर बॉर्डरों की ओर बढ़ रहे हैं।

प्रदर्शनकारी किसानों का समर्थन करते हुए राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) प्रमुख अजीत सिंह ने बीकेयू का समर्थन करने की घोषणा की है।

रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री ने बीकेयू प्रमुख नरेश टिकैत और प्रवक्ता राकेश टिकैत से बात की है।

रालोद उपाध्यक्ष ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘चिंता मत करो, किसान के लिए जीवन मरण का प्रश्न है। सबको एक होना है, साथ रहना है - यह संदेश दिया है चौधरी साहब (अजीत सिंह) ने! ’’

जयंत ने गाजीपुर प्रदर्शन स्थल का भी दौरा किया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आंदोलनरत किसानों की मांगों को वाजिब तथा उन्हें बदनाम करने की कोशिश को पूरी तरह गलत करार देते हुए शुक्रवार को कहा कि उनकी आम आदमी पार्टी (आप) किसानों के जारी प्रदर्शन का पूरा समर्थन करती है।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए आप सरकार द्वारा किये गये इंतजामों का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को गाजीपुर बार्डर का दौरा किया।

सिसोदिया ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ आम आदमी पार्टी (आप) प्रदर्शनकारी किसानों का समर्थन करती है और मैं दिल्ली सरकार द्वारा उनके लिए किये गये इंतजामों का जायजा लेने यहां आया हूं। मैंने किसानों के लिए पीने के पानी, शौचालय और अन्य सुविधाओं को लेकर किये गये इंतजामों का निरीक्षण किया है।’’

उन्होंने कहा कि किसान नेता राकेश टिकैत ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से बातचीत की थी और मूलभूत सुविधाएं मांगी थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री के आदेश पर रात में इंतजाम किये गये।’’

गाजियाबाद प्रशासन ने बृहस्पतिवार रात को प्रदर्शनकारी किसानों को यूपी गेट प्रदर्शन स्थल खाली करने का अल्टीमेटम दिया था लेकिन टिकैत यह कहते हुए डटे रहे कि वह खुदकुशी कर लेंगे लेकिन आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।

गाजियाबाद प्रशासन के अल्टीमेटम के बाद भी शुक्रवार को दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर भारतीय किसान यूनियन के सैंकड़ों सदस्य डटे हुए हैं। टिकैत की अपील के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा से और किसान वहां पहुंच रहे है।

गाजियाबाद जिला मजिस्ट्रेट अजय शंकर पांडे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी आधी रात को प्रदर्शनस्थल पहुंचे और वहां हालात का जायजा लिया। यहां पर बृहस्पतिवार से सैकड़ों सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

आधिकारिक निर्देशों के बाद पीएसी और आएएफ के जवानों समेत कई सुरक्षाकर्मी आधी रात को प्रदर्शन स्थल से चले गए थे।

रात को एक बजे टिकैत के समर्थक प्रदर्शन स्थल दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर उमड़े। इस स्थान को दोनों ओर से बंद किया गया है तथा यहां सामान्य यातायात बाधित हो गया है।

यूपी गेट पर करीब 500 प्रदर्शनकारी जमे हुए हैं तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश से रात में यहां और किसान आए।

गाजियाबाद के एक पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘प्रदर्शन स्थल से अतिरिक्त सुरक्षा बल को हटा लिया गया है और वहां पर बहुत कम संख्या में जवान तैनात हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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