नई दिल्ली, 27 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के दो दिवसीय दौरे पर हैं। वहां पर उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की है। वुहान में अनौपचारिक मीटिंग के दौरान पीएम मोदी ने कहा है- 'भारत के लोगों को इस बात पर गर्व महसूस होता है कि मैं भारत का पहला प्रधानमंत्री हूं, जिसे लेने के लिए चीनी राष्ट्रपति दो बार राजधानी से बाहर आए हैं।'
पीएम मोदी ने अपनी बात रखते हुए आगे कहा- 'हमारे (भारत-चीन) के ऊपर विश्व आबादी की चालीस फीसदी जनसंख्या के लिए काम करने की जिम्मेदारी है। इसका मतलब हम दुनिया के कई समस्याओं का हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं। इस दिशा में हमारा साथ काम करना एक बहुत बड़ा मौका है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार और चीन की सरकार का जिक्र करते हुए कहा- 'कांग्रेस पार्टी के समय जो आपका वक्तवय था, उसमें आपने न्यू एरा की बात। आज मैं भारत में न्यू इंडिया की बात करता हूं। आपके न्यू एरा और हमारा न्यू इंडिया का प्रयास विश्व के लाभ के लिए सही दिशा में कदम है।'
पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने दो दिवसीय अनौपचारिक शिखर बैठक के दौरान द्विपक्षीय, वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार की सुबह वुहान पहुंचे हैं, जहां राष्ट्रपति शी ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके तुरंत बाद दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया।
वुहान स्थित हुबेई प्रोविंशियल म्यूजियम में आयोजित सांस्कृतिक समारोह देखने से पहले मोदी और शी ने हाथ मिलाया और तस्वीरें खिंचवाईं। गौरतलब है कि चीन के क्रांतिकारी नेता माओ त्से तुंग छुट्टियों में अकसर वुहान और यहां स्थित ईस्ट लेक आना पसंद करते थे। सूत्रों ने बताया कि हुबेई प्रोविंशियल म्यूजियम में दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई है। इस संग्रहालय में बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और सांस्कृतिक पुरावशेष मौजूद हैं।
दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक मुलाकात 2014 में शुरू हुई थी जब मोदी ने गुजरात के साबरमती आश्रम में शी की मेजबानी की थी। उसके बाद से दोनों ने कई अंतरराष्ट्रीय बैठकों के दौरान एक - दूसरे से मुलाकात और बातचीत की।