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मोदी सरकार ने किए स्टार्टअप को गति देने के लिये कई छूट के प्रस्ताव

By भाषा | Updated: July 6, 2019 05:57 IST

सीतारमण ने कहा, ‘‘इससे यह सुनिश्चित होगा कि आकलन अधिकारी बिना निगरानी अधिकारी की मंजूरी के ऐसे मामलों की जांच या सत्यापन करेगा।’’

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सरकार ने शुक्रवार को स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिये कई प्रोत्साहनों की घोषणा की। इसमें आयकर से जुड़े लंबित मामलों के समाधान के लिये विशेष व्यवस्था किया जाना शामिल हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि भारत में स्टार्टअप मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं और उनकी निरंतर वृद्धि को प्रोत्साहन देने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि तथाकथित एंजल कर मुद्दे का समाधान करते हुए स्टार्टअप और उनके निवेशक अगर जरूरी घोषणा करते हैं और अपने रिटर्न में सूचना उपलब्ध कराते हैं, उन्हें शेयर प्रीमयम के मूल्यांकन के संदर्भ में किसी प्रकार की जांच का सामना नहीं करना पड़ेगा।

ई-सत्यापन प्रणाली स्थापित करने के साथ निवेशक की पहचान और कोष के स्रोत को बताने का मामला समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ स्टार्टअप के लिये जुटाये गये कोष को लेकर आयकर विभाग द्वारा किसी प्रकार की जांच की आवश्यकता नहीं होगी। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) स्टार्टअप के लंबित आकलन तथा उनकी शिकायतों के समाधान के लिये विशेष प्रशासनिक व्यवस्था करेगा।

सीतारमण ने कहा, ‘‘इससे यह सुनिश्चित होगा कि आकलन अधिकारी बिना निगरानी अधिकारी की मंजूरी के ऐसे मामलों की जांच या सत्यापन करेगा।’’ उन्‍होंने कहा कि वर्तमान में स्‍टार्ट-अप्‍स को श्रेणी-1 वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) सहित कुछ निवेशकों को जारी किए गए अपने शेयरों के उचित बाजार मूल्‍य को न्‍यायोचित ठहराने की आवश्‍यकता नहीं है। वित्‍त मंत्री ने इस लाभ को श्रेणी-2 वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) तक पहुंचाने का भी प्रस्‍ताव रखा है। इसलिए इन धनराशियों के लिए जारी किए गए शेयर का सत्‍यापन किसी तरह की आयकर जांच के दायरे से परे होगा।

वित्त मंत्री ने स्टार्टअप के मामले में नुकसान को आगे ले जाने और समायोजित करने को लेकर कुछ शर्तों में ढील देने का भी प्रस्ताव किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं स्टार्टअप में निवेश के लिये रिहायशी मकान की बिक्री से प्राप्त पूंजी लाभ की छूट की अवधि 31 मार्च 2021 तक बढ़ाने तथा इस छूट की कुछ शर्तों में रियायत का प्रस्ताव करती हूं।’’

वित्त मंत्री ने उभरते उद्यमियों के लिये कर प्रेत्साहन की भी घोषणा की। उन्होंने स्टार्टअप में 50 प्रतिशत शेयर पूंजी या वोटिंग अधिकार में ढील देकर उसे 25 प्रतिशत पर लाने का प्रस्ताव किया। वित्त मंत्री ने कहा कि कर प्रस्तावों का मकसद उद्यमिता भाव को बढ़ाकर स्टार्टअप को प्रोत्साहित करना है। सीतारमण ने स्टार्टअप के लिये विशेष रूप से टेलीविजन चैनल का भी प्रस्ताव है। यह उनकी वृद्धि को प्रभावित करने वले मुद्दों पर चर्चा के एक मंच के रूप में काम करेगा।

सरकार ने नवप्रवर्तन तथा उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के मकसद से ‘स्टार्टअप इंडिया’ की शुरूआत 16 जनवरी 2016 को की थी। अबतक उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग ने 19,665 स्टार्टअप को मान्यता प्रदान की है। 

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