लाइव न्यूज़ :

मेहसाणाः गुजरात के पूर्व मंत्री और ‘दूधसागर डेयरी’ के पूर्व अध्यक्ष विपुल चौधरी को धोखाधड़ी मामले में सात साल कैद की सजा, महाराष्ट्र को पशुचारा आपूर्ति करके 22.5 करोड़ रुपये का किया नुकसान

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: July 13, 2023 16:59 IST

उचित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना महाराष्ट्र को पशुचारा आपूर्ति करके 2014 में डेयरी को 22.5 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया था।

Open in App
ठळक मुद्देमेहसाणा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड को ‘दूधसागर’ डेयरी के नाम से जाना जाता है। चौधरी गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) के पूर्व अध्यक्ष भी हैं।जीसीएमएमएफ अमूल ब्रांड का मालिक है।

मेहसाणाः मेहसाणा की एक अदालत ने गुजरात के पूर्व मंत्री और ‘दूधसागर डेयरी’ के पूर्व अध्यक्ष विपुल चौधरी को धोखाधड़ी के मामले में सात साल कैद की सजा सुनाई। चौधरी पर आरोप था कि उन्होंने उचित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना महाराष्ट्र को पशुचारा आपूर्ति करके 2014 में डेयरी को 22.5 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया था।

मेहसाणा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड को ‘दूधसागर’ डेयरी के नाम से जाना जाता है। चौधरी गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) के पूर्व अध्यक्ष भी हैं। जीसीएमएमएफ अमूल ब्रांड का मालिक है। मेहसाणा के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वाई आर अग्रवाल ने चौधरी और 14 अन्य को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी के लिए दोषी ठहराया और सात साल की जेल की सजा सुनाई।

गुजरात के सहकारी क्षेत्र का एक प्रमुख चेहरा चौधरी 1996 में शंकरसिंह वाघेला सरकार में मंत्री थे। अदालत ने 15 आरोपियों को आईपीसी की धारा 406 (विश्वास का उल्लंघन), 465 (जालसाजी) और 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी) के तहत दोषी ठहराया और उन्हें एक से चार साल तक की जेल की सजा सुनाई।

चौधरी और अन्य के खिलाफ मेहसाणा 'बी' डिवीजन पुलिस स्टेशन में 2014 में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, उस वक्त वह दूधसागर डेयरी के साथ-साथ जीसीएमएमएफ के अध्यक्ष थे। पशुचारा खरीद में कथित भ्रष्टाचार को लेकर उन्हें जीसीएमएमएफ और दूधसागर डेयरी दोनों जगह से बर्खास्त कर दिया गया था।

प्राथमिकी के मुताबिक, डेयरी अध्यक्ष के तौर पर चौधरी ने 2014 में सूखा प्रभावित महाराष्ट्र में मवेशियों का चारा भेजने का फैसला लिया था। राज्य सरकार ने, हालांकि आरोप लगाया था कि 22.5 करोड़ रुपये का पशु चारा भेजने का निर्णय डेयरी की बोर्ड बैठक में कोई प्रस्ताव लाये बिना या कोई निविदा जारी किये बिना लिया गया था। जिन अन्य आरोपियों को सात साल की सजा सुनाई गई है उनमें दूधसागर डेयरी के पूर्व बोर्ड सदस्य, इसके पूर्व उपाध्यक्ष जलाबेन ठाकोर और पूर्व प्रबंध निदेशक निशिथ बख्शी शामिल हैं। 

टॅग्स :गुजरातकांग्रेसBJPकोर्ट
Open in App

संबंधित खबरें

भारतगोदाम में भर रहे थे नाइट्रोजन गैस?, विस्फोट में 4 की मौत और 2 घायल

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारत अधिक खबरें

भारतKotma Building Collapses: 4 मंजिला इमारत हुई जमींदोज, 2 लोगों की मलबे में दबकर मौत; कई अब भी फंसे

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?