लाइव न्यूज़ :

महबूबा मुफ्ती ने की यासीन मलिक की सजा पर पुनर्विचार की मांग, एनआईए ने अदालत से मौत की सजा सुनाने का अनुरोध किया है

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: May 27, 2023 20:12 IST

पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि जम्मू एंड कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक के मामले की समीक्षा और पुनर्विचार अवश्य किया जाना चाहिए क्योंकि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में एक प्रधानमंत्री के हत्यारे की भी सजा माफ कर दी जाती है।

Open in App
ठळक मुद्देमहबूबा मुफ्ती ने अलगाववादी नेता यासीन मलिक के समर्थन में बयान दियाकहा- यासीन मलिक के मामले की समीक्षा और पुनर्विचार अवश्य किया जाना चाहिएएनआईए ने मलिक को मौत की सजा सुनाये जाने का अदालत से अनुरोध किया है

नई दिल्ली: पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक बार जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक के समर्थन में बयान दिया है। पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि जम्मू एंड कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक के मामले की समीक्षा और पुनर्विचार अवश्य किया जाना चाहिए क्योंकि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में एक प्रधानमंत्री के हत्यारे की भी सजा माफ कर दी जाती है। 

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा अलगाववादी नेता मलिक को मौत की सजा सुनाये जाने का अदालत से अनुरोध किये जाने के बाद महबूबा की यह टिप्पणी आई है। मलिक को आतंकवाद के वित्त पोषण के एक मामले में पिछले साल दिल्ली की एक निचली अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी।

महबूबा ने पीडीपी के पूर्व नेता अल्ताफ बुखारी की भी आलोचना करते हुए कहा कि जो लोग मलिक को फांसी दिये जाने की मांग कर रहे हैं, वे हमारे सामूहिक अधिकारों के लिए एक गंभीर खतरा हैं।  बुखारी ने कहा है कि देश की सुरक्षा को खतरा पैदा करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ प्रतिरोधक उपाय किये जाने चाहिए। 

महबूबा ने ट्विटर पर कहा, "भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में, जहां प्रधानमंत्री के हत्यारे तक की सजा माफ कर दी जाती है, वहां यासीन मलिक जैसे राजनीतिक कैदी के मामले की अवश्य ही समीक्षा और पुनर्विचार किया जाना चाहिए।" बता दें कि एनआईए ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख कर कश्मीरी अलगाववादी नेता को मौत की सजा दिये जाने का अनुरोध किया। एनआईए की याचिका को न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ के समक्ष 29 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। 

फिलहाल  आतंकी फंडिंग मामले में यासीन मलिक आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। यासीन मलिक पर दो हाई प्रोफाइल मामले में जम्मू चल रहे हैं। यासीन को जम्मू-कश्मीर में 1990 के दौरान अशांति के लिए जिम्मेदार प्रमुख चेहरों में से एक माना जाता है। यासीन उन अलगाववादियों में प्रमुख चेहरा रहा है जिनके भड़काने पर जम्मू-कश्मीर में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़की थी जिसकी वजह से बड़ी तादाद में कश्मीरी पंडितों का पलायन हुआ था। यासीन पर 8 दिसंबर 1989 को रुबैया सईद के अपहरण का मामला चल रहा है। यही नहीं यासीन 25 जनवरी 1990 को 4 वायुसेना के अधिकारियों की हत्या के मामले में भी आरोपी है। 

टॅग्स :महबूबा मुफ़्तीयासीन मलिकJammuएनआईएकोर्टहत्या
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टपति-पत्नी और वो..., अवैध संबंध के चलते महिला ने सुहाग को उतारा मौत के घाट; आगरा पुलिस का खुलासा

क्राइम अलर्टपत्नी की गला रेतकर हत्या और पति ने खुद को चाकू से वार कर आत्महत्या का किया प्रयास

क्राइम अलर्ट2 साल से चचेरे भाई से अवैध संबंध, भाई मेराज अली ने पैर पकड़ा और माता रबिया खातून-पिता मोहम्मद मनीर ने तकिये से मुंह दबा कर बेटी को मार डाला

क्राइम अलर्टबड़े भाई और भाभी को पिता प्रसिद्ध नारायण दीक्षित ने मार डाला, घर में ही किसी बात को लेकर झगड़ा?, छोटे बेटे ने सिर पर लोहे की रॉड से वार कर की हत्या?

क्राइम अलर्टबेटे की चाहत, 2 बेटी उमेरा-आयशा और 26 वर्षीय पत्नी फरहत को स्विमिंग पूल में गिराकर मार डाला?, फरहत तीसरी बार गर्भवती और पेट में बेटी पल रही थीं?

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया