लाइव न्यूज़ :

अगर गठबंधन करना है तो आदित्य को आगे आकर राज ठाकरे से मिलना चाहिए?, महाजन ने कहा-कनिष्ठ नेता को भेजोगे तो कनिष्ठ नेता ही बात करेंगे

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: June 5, 2025 14:49 IST

Maharashtra Municipal Corporation: उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने इस बात का संकेत देने वाले बयान देकर संभावित सुलह की अटकलों को हवा दे दी है कि वे ‘‘छोटे-मोटे मुद्दों’’ को नजरअंदाज कर सकते हैं।

Open in App
ठळक मुद्देMaharashtra Municipal Corporation: लगभग दो दशक के कटु मतभेद के बाद हाथ मिला सकते हैं।Maharashtra Municipal Corporation: तो राज ठाकरे भी किसी कनिष्ठ पदाधिकारी को भेजेंगे।Maharashtra Municipal Corporation: उद्धव ठाकरे के बेटे हैं और राज ठाकरे चाचा हैं।

छत्रपति संभाजीनगरः महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता प्रकाश महाजन ने कहा है कि अगर शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर वाकई गंभीर है तो उसके नेता आदित्य ठाकरे को आगे आकर राज ठाकरे से मिलना चाहिए। महाजन ने बुधवार को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता वाली शिवसेना (उबाठा) में ‘‘उचित’’ कद के किसी नेता को संभावित गठबंधन पर चर्चा के लिए मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के पास जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी कनिष्ठ नेता को बातचीत के लिए भेजा जाता है तो राज ठाकरे भी किसी कनिष्ठ पदाधिकारी को भेजेंगे।

महाजन ने कहा, ‘‘अगर गठबंधन करना है तो आदित्य ठाकरे को आगे आना चाहिए और राज साहेब के विचारों को समझना चाहिए। अगर आदित्य ठाकरे (बातचीत के लिए) आगे आते हैं तो दोनों पक्ष गंभीरता को समझेंगे। मराठी लोगों में एक साथ आने की भावना है।’’ राज्य के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे शिवसेना (उबाठा) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बेटे हैं और राज ठाकरे उनके चाचा हैं।

आदित्य ठाकरे ने मंगलवार को कहा था कि अगर कोई महाराष्ट्र के हितों की रक्षा के लिए साथ आना चाहता है तो ‘‘हम भी उन्हें साथ लेकर चलेंगे।’’ महाजन ने कहा कि राजनीतिक रूप से अलग हुए ठाकरे भाइयों (उद्धव एवं राज ठाकरे) के साथ आने के इस प्रयोग में कोई बुराई नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने (मनसे) 2014 और 2017 में यह प्रयोग किया था। अगर वे गंभीर हैं, तो इस संबंध में नेतृत्व करने में कोई समस्या नहीं है।’’ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने इस बात का संकेत देने वाले बयान देकर संभावित सुलह की अटकलों को हवा दे दी है कि वे ‘‘छोटे-मोटे मुद्दों’’ को नजरअंदाज कर सकते हैं और लगभग दो दशक के कटु मतभेद के बाद हाथ मिला सकते हैं।

टॅग्स :महाराष्ट्रआदित्य ठाकरेराज ठाकरेउद्धव ठाकरेमुंबई
Open in App

संबंधित खबरें

भारतऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के लिए 'मराठी अनिवार्यता' पर विशेषज्ञों की राय, जानें क्या कहा?

क्राइम अलर्टवैष्णो देवी की तीर्थयात्रा से लौट रहे थे, 15 मिनट में कार खाक, 5 जिंदा जले और जिंदगी से जूझ रहा 1 शख्स, वीडियो

क्रिकेट243 रन पड़े कम, घर में मुंबई इंडियन्स की एक और हार?, सनराइजर्स हैदराबाद ने 6 विकेट से हराया, अभिषेक-हेड ने 52 गेंद में कूटे 129 रन?

क्रिकेटदिल को छूया, प्यार दिखाया?, नहीं खेल रहे हिटमैन, रोहित शर्मा के 39वें जन्मदिन पर वानखेड़े स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने 'हैप्पी बर्थडे' गाया, वीडियो

भारतनागपुर में ड्रोन ट्रेनिंग अकादमी की तैयारी, एनसीसी को मिलेगा नया आयाम

भारत अधिक खबरें

भारतWest Bengal Exit Polls 2026: इस एजेंसी के ताजा सर्वे ने बताया बंगाल में फिर से बनेगी ममता दीदी की सरकार, जानें सीटों का आंकड़ा

भारतWest Bengal Exit Polls 2026: 'टुडेज़ चाणक्य' ने बीजेपी के लिए 192 सीटों के साथ प्रचंड जीत की भविष्यवाणी की

भारततमिलनाडु में डीएमके का दूसरा कार्यकाल, टीवीके का प्रदर्शन AIADMK से रहेगा बेहतर, देखें टुडे चाणक्य एग्जिट पोल का परिणाम

भारतWest Bengal Elections 2026: मां, माटी और मानुष की चौथी सरकार?, 4 मई मतगणना से पहले सीएम ममता बोलीं, वीडियो

भारतMadhya Pradesh: धार हादसे के बाद नयापुरा में एक साथ उठीं 8 अर्थियां, गांव में पसरा मातम