उज्जैन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के उज्जैन में 750 करोड़ रुपये की लागत की महाकालेश्वर मंदिर कॉरिडोर परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। यह जानकारी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को दी। मुख्यमंत्री ने सोमवार को कॉरि़डोर का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि वह मंदिर गलियारा परियोजना का काम देखकर संतुष्ट हैं और पीएम मोदी इसका उद्घाटन करेंगे।
दरअसल, महाकाल कॉरिडोर निर्माण का काम दो चरणों में हो रहा है। जिसके लिए करीब 750 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। पहले चरण में करीब 316 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। उज्जैन में महाकाल मंदिर कॉरिडोर करीब 900 मीटर क्षेत्र में बनाया गया है।
परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत पूरे हुए कार्यों का निरीक्षण करने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले चरण को 316 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। उन्होंने कहा, ‘महाकाल मंदिर गलियारा की छटा अद्भुत, अविस्मरणीय और अलौकिक है। बाबा महाकाल की कृपा हम सभी पर सदैव बनी रहे। यही कामना, यही प्रार्थना है।’
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘इस दिव्य और भव्य गलियारे का लोकार्पण देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर को करेंगे।’
2019 में हुआ था कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू
महाकाल कॉरिडोर का निर्माण कार्य 2019 में शुरू हुआ था। निर्माण कार्य में खर्च होने वाले कुल खर्च में से 422 करोड़ रुपए राज्य सरकार दे रही है। 21 करोड़ रुपए मंदिर समिति और शेष रकम केंद्र सरकार खर्च कर रही है।
उज्जैन में बन रहे कॉरिडोर का आकार काशी विश्वनाथ मंदिर से करीब-करीब 4 गुना बड़ा है। कॉरिडोर में शिव तांडव स्त्रोत, शिव विवाह, महाकालेश्वर वाटिका, महाकालेश्वर मार्ग, शिव अवतार वाटिका, प्रवचन हॉल, नूतन स्कूल परिसर, गणेश विद्यालय परिसर, रूद्रसागर तट विकास, अर्ध पथ क्षेत्र, धर्मशाला और पार्किंग सर्विसेस भी तैयार किया जा रहा है।