लाइव न्यूज़ :

लोकसभा चुनाव 2024ः कांग्रेस नीतीश कुमार को 2024 के लिए विपक्ष का चेहरा मान ले असंभव, संजय कुमार ने कहा-पीएम मोदी के सामने कोई चुनौती नहीं...

By भाषा | Updated: August 14, 2022 15:07 IST

Lok Sabha Elections 2024: विपक्षी नेता और विश्लेषक नीतीश कुमार को अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष विपक्ष के चेहरे के तौर पर देखने लगे हैं।

Open in App
ठळक मुद्देप्रधानमंत्री मोदी के समक्ष मुश्किल की घड़ी आ गई है, जबकि फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है। विपक्षी दलों को संदेश दे रहा है कि अगर 2024 में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी को रोकना है तो उन्हें साथ आना पड़ेगा।नीतीश की तुलना में कई प्रमुख विपक्षी नेताओं की लोकप्रियता बढ़ी है।

नई दिल्लीः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का साथ छोड़ने के बाद से 2024 को लेकर राजनीतिक चर्चा उफान पर है। कई विपक्षी नेता और विश्लेषक नीतीश को अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष विपक्ष के चेहरे के तौर पर देखने लगे हैं।

इससे संबंधित विभिन्न पहलुओं पर ‘सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज (सीएसडीएस)’ के शोध कार्यक्रम ‘लोकनीति’ के सह-निदेशक संजय कुमार से ‘भाषा’ के पांच सवाल और उनके जवाब:

सवाल: क्या बिहार के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बाद 2024 की कोई सियासी तस्वीर बनती दिख रही है?

जवाब: मुझे लगता है कि इसको लेकर बहुत ज्यादा बयानबाजी हो रही है। ऐसा लग रहा है कि मानो अब भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष मुश्किल की घड़ी आ गई है, जबकि फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है। इतना जरूर है कि यह विपक्ष के लिए संभावनाएं पैदा कर रहा है और यह विपक्षी दलों को संदेश दे रहा है कि अगर 2024 में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी को रोकना है तो उन्हें साथ आना पड़ेगा।

सवाल: विपक्ष में कई ऐसे नेता हैं जो प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के दावेदार माने जाते हैं, उनकी तुलना में आप नीतीश की दावेदारी की संभावना को कैसे देखते हैं?

जवाब: अगर 2013-14 का दौर होता तो विपक्षी दल नीतीश को अपना नेता आसानी से मान लेते क्योंकि उस दौरान नीतीश को लेकर लोगों में आकर्षण था, लोगों को उनकी खूबियां दिख रही थीं। उस वक्त ममता बनर्जी का इतना बड़ा कद नहीं था। मेरे कहने का मतलब यह है कि नीतीश की तुलना में कई प्रमुख विपक्षी नेताओं की लोकप्रियता बढ़ी है। नीतीश के पक्ष में यह बात जाती है कि वह हिंदी भाषी क्षेत्र से आते हैं, लंबा राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव है तथा भ्रष्टाचार एवं परिवारवाद जैसे आरोपों से मुक्त हैं।

सवाल: क्या नीतीश कुमार विपक्ष का चेहरा बनने की स्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कड़ी चुनौती दे सकते हैं?

जवाब: फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी की तुलना में नीतीश कुमार कमजोर दिखाई देते हैं। इसकी वजह यह है कि मोदी पूरे देश में लोकप्रिय हैं तो नीतीश की लोकप्रियता फिलहाल बिहार या कुछ अन्य हिंदी भाषा क्षेत्रों तक सीमित है। पिछले 10 वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री की लोकप्रियता का ग्राफ लगातार बढ़ा है तो नीतीश की लोकप्रियता घटी है।

यह जरूर है कि नीतीश की छवि ईमानदार नेता की है। वह किसी राजनीतिक परिवार से नहीं हैं और परिवारवाद को भी आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। आज के समय में ये बातें जनता को आकर्षित करती हैं। यह नीतीश के लिए बड़ी राजनीतिक पूंजी भी है।

सवाल: क्या विपक्षी दल खासकर कांग्रेस नीतीश कुमार को विपक्ष का चेहरा स्वीकार कर लेगी?

जवाब: यह बहुत मुश्किल दिखाई देता है। कांग्रेस के संदर्भ में यह असंभव है। कांग्रेस हमेशा इसकी पैरवी करेगी कि चुनाव हो जाने दीजिए और फिर संख्याबल के आधार पर तय होगा कि नेता कौन होगा। कांग्रेस के लिए यह असंभव है कि वह चुनाव से पहले नीतीश को अपना नेता मान ले।

कांग्रेस पहले की तुलना में कमजोर हुई है, लेकिन उसके पास अभी भी लोकसभा में 50 से अधिक सीट हैं, जबकि नीतीश के 16 सांसद हैं। अगर नीतीश को चेहरा बनाने की बात आती है तो कांग्रेस के भीतर इसका बहुत विरोध होगा।

सवाल: क्या इसका मतलब यह है कि प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ किसी एक चेहरे को लेकर विपक्षी दलों में सहमति असंभव है?

जवाब: मेरा मानना है कि अगर ये विपक्षी दल नेता चुनने के चक्कर में पड़े तो नेता कभी नहीं चुना जा सकेगा और न ही समन्वय स्थापित हो पाएगा। समन्वय जरूरी है, नेता की जरूरत उतनी नहीं है। अगर समन्वय नहीं रहा तो विपक्ष के लिए 2024 का मामला पहले ही खत्म हो जाएगा

टॅग्स :नरेंद्र मोदीनीतीश कुमारBJPकांग्रेसममता बनर्जीजेडीयूसोनिया गाँधीलोकसभा चुनाव
Open in App

संबंधित खबरें

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

क्राइम अलर्टबिहार सिपाही भर्ती घोटालाः मुश्किल में पूर्व डीजीपी एसके सिंघल?, ईओयू ने किया जवाब तलब, गंभीर खामियां सामने

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारत‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार’?, निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाओ, जदयू कार्यकर्ताओं ने पटना में लगाए पोस्टर

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

भारत अधिक खबरें

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

भारतअल्पसंख्यकों पर हमला करने वाले लोगों के साथ सीएम विजयन?, राहुल गांधी ने कहा- 140 में से 100 सीट जीतकर बनाएंगे सरकार?, भाजपा 0 पर आउट?