लाइव न्यूज़ :

India Lockdown: पिता का निधन, लेकिन आईओसी चेयरमैन ईंधन आपूर्ति की देखरेख में जुटे रहे और 24 घंटे के भीतर ही काम पर लौटे

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 30, 2020 21:22 IST

पिता का 89 वर्ष की उम्र में 24 मार्च को निधन हुआ। उन्होंने 24 घंटे के भीतर ही जिम्मेदारी संभाल ली और लखनऊ स्थित अपने पैतृक घर को अपना कार्यालय बना लिया और इस बात की निगरानी करने लगे कि देश के किसी भी हिस्से में आपूर्ति बाधित न हो।

Open in App
ठळक मुद्देराज्य सरकारों के 15 मार्च के आसपास सीमित प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से ही सिंह रिफाइनरी के परिचालन और वितरण श्रृंखला का कामकाज देख रहे थे।मैंने अपनी पत्नी के साथ लखनऊ जाने का फैसला किया, लेकिन एक घंटे के भीतर ही हमें फोन आया कि वे अब नहीं रहे।

नई दिल्लीः कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी, उसी दिन भारत की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयर कॉरपोरेशन (आईओसी) के चेयरमैन संजीव सिंह के पिता का निधन हुआ था, लेकिन इस शोक के बावजूद वह ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे के भीतर काम पर लौट आए।

राज्य सरकारों के 15 मार्च के आसपास सीमित प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से ही सिंह रिफाइनरी के परिचालन और वितरण श्रृंखला का कामकाज देख रहे थे। उनके पिता का 89 वर्ष की उम्र में 24 मार्च को निधन हुआ। उन्होंने 24 घंटे के भीतर ही जिम्मेदारी संभाल ली और लखनऊ स्थित अपने पैतृक घर को अपना कार्यालय बना लिया और इस बात की निगरानी करने लगे कि देश के किसी भी हिस्से में आपूर्ति बाधित न हो।

सिंह ने बताया, ‘‘मेरे पिता लखनऊ में रहते थे और 24 मार्च को हमें उनके अस्वस्थ होने के बारे में एक फोन आया। मैंने अपनी पत्नी के साथ लखनऊ जाने का फैसला किया, लेकिन एक घंटे के भीतर ही हमें फोन आया कि वे अब नहीं रहे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बड़ी व्यक्तिगत क्षति थी।’’ लेकिन, उन्होंने कर्तव्य के लिए अपने व्यक्तिगत नुकसान को अलग रखा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सिर्फ अपना काम कर रहा हूं। देश में ऐसे सैकड़ों और हजारों तेल कारोबारी हैं, जो खुद को जोखिम में डालकर देश को ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं।’’

सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और सैकड़ों फोन कॉल के माध्यम से की जाने वाली दैनिक समीक्षाओं के जरिए सभी कार्यों पर पल-पल की नजर रखते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा इस देश के प्रति कर्तव्य है और हम बस वही कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने रिफाइनरी, डिपो और विपणन ढांचे के संचालन में पूरी सावधानी बरती है। पेट्रोल पंप और एलपीजी वितरण केंद्रों में आने वाले उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत सुरक्षा के साधन दिए गए हैं।’’ उन्होंने कहा कि आईओसी ट्रक ड्राइवरों को मुफ्त भोजन पैकेट भी दे रही है। 

टॅग्स :कोरोना वायरस लॉकडाउनलखनऊनरेंद्र मोदीकोरोना वायरस
Open in App

संबंधित खबरें

भारतआप इधर-उधर क्यों घूम रहे हैं?, स्कूल क्यों नहीं जाते?, तो जवाब देते कि बहुत दूर, सीएम योगी ने कहा- अब भैंस के साथ नहीं खेलते बच्चे?, वीडियो

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

ज़रा हटकेIPL मैच में 20 रुपये का एक गिलास पानी! लखनऊ स्टेडियम में बवाल क्यों मचा?

कारोबारयूपी में 10 वर्ष में ऐसे बढ़ा बजट का आकार?, 8.65 लाख करोड़ रुपए में से 2.85 लाख करोड़ रुपए नहीं हुए खर्च?

कारोबार‘युवा आबादी’ के लाभ को भुनाने की चुनौती?, 20 से 29 वर्ष के 6.3 करोड़ स्नातकों में से 1.1 करोड़ बेरोजगार?

भारत अधिक खबरें

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप