Republic Day 2026 LIVE:गणतंत्र दिवस परेड लाइव, कर्तव्य पथ पर दिखेगी नए भारत की झलक
26 Jan, 26 01:30 PM
26 Jan, 26 01:28 PM
सीपीडब्ल्यूडी की झांकी में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ को दर्शाया गया
गणतंत्र दिवस परेड के दौरान केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) की झांकी में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ की झलक देखने को मिली। सीपीडब्ल्यूडी ने इस बात का उल्लेख किया कि स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना को आकार देने में प्रतिष्ठित गीत के स्थायी महत्व की पुष्टि करते हुए, राष्ट्र ने 7 नवंबर, 2025 को 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ मनाई।
झांकी के सामने वाले हिस्से में एक जलती हुई मशाल दिखाई गई। यह इस बात को दर्शाती है कि कैसे राष्ट्रगीत ने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ देशभक्ति, एकता और प्रतिरोध की भावना को प्रज्वलित किया तथा पीढ़ियों को पराधीनता को चुनौती देने के लिए प्रेरित किया।
झांकी के पिछले भाग में वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को दर्शाया गया। विशेष रूप से प्राकृतिक और मनमोहक फूलों से तैयार की गई झांकी ने लोगों को मनभावन दृश्य का अनुभव प्रदान किया।
26 Jan, 26 01:04 PM
26 Jan, 26 01:02 PM
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी: प्राचीन परंपरा से आधुनिक मीडिया तक भारत की कहानी
मौखिक परंपराओं से लेकर भारत के आधुनिक, तकनीक आधारित और वैश्विक मीडिया शक्ति बनने तक के उभार को दर्शाती सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी ने प्राचीन काल से वर्तमान तक भारत की कहानी कहने की परंपराओं को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। ‘‘भारत कथा: श्रुति, कृति, दृष्टि’’ विषय पर आधारित यह झांकी सोमवार को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ से गुज़री और इसमें भारत की सभ्यतागत विरासत तथा समकालीन रचनात्मक नवाचार के बीच निरंतरता को दर्शाया गया।
यह झांकी इस बात को रेखांकित करती है कि किस तरह परंपरा और तकनीक मिलकर राष्ट्रीय पहचान को आकार देती हैं। झांकी की शुरुआत ‘ओम’ की ब्रह्मांडीय ध्वनि से हुई, जो नाद, ज्ञान और सृष्टि की उत्पत्ति का प्रतीक है। पहला खंड ‘श्रुति’ भारत की समृद्ध मौखिक परंपराओं को दर्शाता है, जिसमें पीपल के वृक्ष के नीचे गुरु शिष्यों को ज्ञान प्रदान करते हुए दिखाए गए हैं। बहती हुई ध्वनि-तरंग आकृतियां बोले गए शब्दों के माध्यम से ज्ञान के संप्रेषण को दर्शाती हैं।
26 Jan, 26 12:46 PM
26 Jan, 26 12:45 PM
26 Jan, 26 12:29 PM
26 Jan, 26 12:29 PM
26 Jan, 26 12:27 PM
गुजरात की झांकी में दिखी ‘वंदे मातरम’ और भीकाजी कामा की विरासत के जश्न की झलक
गणतंत्र दिवस पर गुजरात की रंगारंग झांकी में 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने के जश्न के साथ स्वतंत्रता सेनानी भीकाजी कामा की विरासत को याद किया गया है झांकी को देखकर वहां मौजूद लोगों ने देशभक्ति के नारे लगाए। झांकी में कामा को 'वंदे मातरम' लिखा ध्वज पकड़े हुए दिखाया गया था, जिसे पहली बार 1907 में पेरिस में फहराया गया था और बाद में जर्मनी के स्टटगार्ट में समाजवादी सम्मेलन में भी फहराया गया था। यह झांकी कामा द्वारा तैयार किए गए तिरंगे से लेकर उसके वर्तमान स्वरूप तक, तिरंगे की विरासत को भी चित्रित करती है।
कामा का जन्म गुजरात के नवसारी में हुआ था। उन्हें विदेश में भारतीय ध्वज फहराने वाली पहली महिला के रूप में जाना जाता है। उन्होंने 1907 में जर्मनी के स्टटगार्ट में अंतरराष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन में 'वंदे मातरम' लिखा हुआ पहला भारतीय ध्वज फहराया था और भारत की स्वतंत्रता के लिए विदेश में रहकर भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
यह झांकी राज्य के विषय ‘स्वदेशी का मंत्र- आत्मनिर्भरता- स्वतंत्रता: वंदे मातरम' पर तैयार की गई थी। आधिकारिक परेड की पुस्तिका में कहा गया है, "वंदे मातरम वह कालातीत मंत्र है जिसने भारत की राष्ट्रीय चेतना में स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता की भावना को जागृत किया।"
इसमें कहा गया है, ‘‘वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह झांकी नवसारी, गुजरात की भीकाजी कामा को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, जिन्होंने क्रांतिकारियों श्यामजी कृष्ण वर्मा और सरदार सिंह राणा के साथ मिलकर भारत की आजादी का संदेश विदेशी धरती तक पहुंचाया।’’
26 Jan, 26 12:26 PM
गणतंत्र दिवस परेड में असम की झांकी में अशारिकांडी की टेराकोटा शिल्प परंपरा की झलक
पूर्वोत्तर राज्य असम ने सोमवार को कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में अपनी झांकी में प्रसिद्ध टेराकोटा शिल्प परंपरा का प्रदर्शन किया। राज्य की झांकी में धुबरी जिले के अशारिकांडी गांव को दर्शाया गया, जिसे भारत में पारंपरिक असमिया टेराकोटा शिल्पकारों का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध समूह माना जाता है।
झांकी में अशारिकांडी गांव को दर्शाते हुए एक सदी से अधिक समय से पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही मिट्टी शिल्प की परंपरा को उकेरा गया। यहां के शिल्पकार परिवार सरलता, सौंदर्यबोध और गहरे सांस्कृतिक अर्थों से जुड़ी इस कला को संजोते हुए अपनी आजीविका भी सुनिश्चित करते रहे हैं।
झांकी के अग्रभाग में मिट्टी के दीपों के साथ एक विशाल टेराकोटा गुड़िया को केंद्रीय आकर्षण के रूप में प्रस्तुत किया गया। ट्रैक्टर वाले हिस्से को बांस की बाड़ से सजाया गया था, जो असम की समृद्ध बांस विरासत, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सतत विकास में इसकी अहम भूमिका का प्रतीक है।
झांकी का पिछला भाग ‘मयूरपंखी’ नाव के रूप में डिजाइन किया गया, जो असम की नदी-आधारित पहचान को दर्शाता है। इसमें शिल्पकारों को हिरामाटी (मिट्टी) से देवी-देवताओं की आकृतियां गढ़ते हुए दिखाया गया, जिससे शिल्प की रचनात्मक प्रक्रिया और आध्यात्मिक भाव को उजागर किया गया।
26 Jan, 26 11:30 AM
77th #RepublicDay | कर्तव्य पथ पर सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स CAPF और अन्य सहायक बलों का बैंड और मार्चिंग दल के दस्ते ने मार्च किया।
26 Jan, 26 11:30 AM
77वें गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय रक्षा बलों की तीनों सेवाओं की झांकी ऑपरेशन सिंदूर: एकजुटता के माध्यम से विजय को दर्शाते हुए मार्च की।
26 Jan, 26 11:28 AM
77th #RepublicDay🇮🇳 | कर्तव्य पथ पर जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के दस्ते ने मार्च किया।
26 Jan, 26 11:25 AM
77th #RepublicDay🇮🇳 | कर्तव्य पथ पर मार्च कर रहे सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की 4 भैरों बटालियन का का नेतृत्व मेजर अंजुम गोरका कर रहे हैं।
26 Jan, 26 11:25 AM
77th #RepublicDay कर्तव्य पथ पर भारतीय नौसेना के बैंड ने मार्च किया।
26 Jan, 26 11:24 AM
77वें गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय नौसेना की झांकी ने हिस्सा लिया। इस झांकी का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए और लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के कर रही हैं।
26 Jan, 26 11:24 AM
77वें गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय रक्षा बलों की तीनों सेवाओं की झांकी ऑपरेशन सिंदूर: एकजुटता के माध्यम से विजय को दर्शाते हुए मार्च की।
26 Jan, 26 11:24 AM
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
26 Jan, 26 10:37 AM
उज्जैन (मध्य प्रदेश): गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
26 Jan, 26 10:36 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में नेशनल वॉर मेमोरियल में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
26 Jan, 26 10:32 AM
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ राष्ट्रपति भवन से बाहर निकलीं। 77वें #RepublicDay समारोह में दो विदेशी गणमान्य व्यक्ति मुख्य अतिथि हैं।
26 Jan, 26 10:31 AM