Padma Awards: बिहार के विश्व बंधु, गोपालजी त्रिवेदी और भरत सिंह भारती को सम्मान और पश्चिम बंगाल के 11 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को पुरस्कार
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 26, 2026 11:35 IST2026-01-26T08:28:42+5:302026-01-26T11:35:31+5:30
Padma Awards: भारत और विदेशों में बिहार के लोक संगीत को बढ़ावा देने के लिए व्यापक रूप से कार्य किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और उनके योगदान की सराहना की।

Padma Awards: बिहार के विश्व बंधु, गोपालजी त्रिवेदी और भरत सिंह भारती को सम्मान और पश्चिम बंगाल के 11 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को पुरस्कार
पटनाः लोक कलाकार विश्व बंधु समेत बिहार के तीन व्यक्तियों को रविवार को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया। राज्य से पुरस्कार पाने वाले अन्य व्यक्तियों में गोपालजी त्रिवेदी और भरत सिंह भारती शामिल हैं। ये सभी देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए नामित 113 लोगों में शामिल हैं। बिहार की लोक नृत्य परंपरा में अग्रणी रहे बंधु ने 6,000 से अधिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया और निःशुल्क प्रशिक्षण देकर ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कला के क्षेत्र में विश्व बंधु के योगदान के लिए उन्हें मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई।
कृषि वैज्ञानिक व लीची किसान त्रिवेदी को विज्ञान और अभियांत्रिकी के क्षेत्र में सम्मानित किया जाएगा। त्रिवेदी ने किसानों को मखाना, सिंघाड़ा और शीतकालीन मक्का की खेती में विविधता लाने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रसिद्ध भोजपुरी लोक गायक भारती को कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।
भारती ने 1,000 से अधिक गीत लिखे, उन्हें संगीत दिया और गाया। उन्होंने भारत और विदेशों में बिहार के लोक संगीत को बढ़ावा देने के लिए व्यापक रूप से कार्य किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और उनके योगदान की सराहना की।
पश्चिम बंगाल के 11 व्यक्तियों को पद्मश्री पुरस्कार
साहित्यकारों और कलाकारों से लेकर वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों तक पश्चिम बंगाल के 11 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को इस वर्ष पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया है। रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान के अनुसार, राज्य के प्रमुख पुरस्कार विजेताओं में बंगाली सिनेमा के अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी, तबला वादक एवं भारतीय शास्त्रीय संगीत के संगीतकार कुमार बोस और प्रख्यात संतूर वादक पंडित तरुण भट्टाचार्य शामिल हैं। भट्टाचार्य ने ‘मंकस’ या ‘फाइन ट्यूनर’ का आविष्कार किया था जो तार वाले वाद्य यंत्र को जल्दी से ट्यून करने में मदद करता है।
बयान में कहा गया है कि प्रख्यात लेखक और शिक्षाविद् अशोक कुमार हल्दर को पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि शिक्षाविद गंभीर सिंह योनजोन को पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा में अपनी पहचान बनाई है, विशेष रूप से दार्जिलिंग पहाड़ियों के पिछड़े और दूरस्थ क्षेत्रों के उत्थान पर उनका विशेष ध्यान रहा है।
उत्तर बंगाल क्षेत्र में सक्रिय रहे और ‘तीन बिग्यानी’ तथा ‘गैलीलियो’ जैसे नाटकों का मंचन करने वाले प्रख्यात रंगकर्मी हरि माधब मुखोपाध्याय को मरणोपरांत पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया है। बयान के अनुसार, पूर्वी बर्दवान जिले के कलना निवासी ज्योतिष देबनाथ हाथ से काते गए सूती धागे से बुनी जाने वाली बारीक मलमल जामदानी बनाने की कला के सिद्धहस्त कारीगर हैं।
बयान में कहा गया है कि दार्जिलिंग जिले के माटीगारा निवासी डॉ. महेंद्र नाथ रॉय एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद हैं और अलीपुरद्वार विश्वविद्यालय के पहले कुलपति रह चुके हैं। इस वर्ष पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुने जाने वालों में संथाली भाषा के लेखक रबी लाल टुडू भी शामिल हैं, जिन्हें वर्ष 2015 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
इसके अलावा, कई अस्पतालों में जटिल रोगों के सफल उपचार में अहम योगदान देने वाली हृदय रोग विशेषज्ञ सरोज मंडल को भी इस वर्ष पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा जाएगा। बयान में कहा गया है कि बीरभूम की प्रसिद्ध कांथा कढ़ाई कलाकार तृप्ति मुखर्जी को भी पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा जाएगा।