आन-बान और शान का प्रतीक, पीएम मोदी ने लिखा-देशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं?
By सतीश कुमार सिंह | Updated: January 26, 2026 07:44 IST2026-01-26T07:12:49+5:302026-01-26T07:44:48+5:30
Republic Day 2026 LIVE: संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 'वैश्विक बौद्ध सम्मेलन' में भाग लेने वाले 40 देशों के भिक्षुओं का एक बड़ा समूह कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड के "गणमान्य अतिथियों" में शामिल है।

photo-lokmat
नई दिल्लीः भारत 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया। सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई। भारत की आन-बान और शान का प्रतीक यह राष्ट्रीय महापर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और नए उत्साह का संचार करे। विकसित भारत का संकल्प और अधिक सुदृढ़ हो, यही कामना है। भारत आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह का आयोजन हो रहा है। गणतंत्र दिवस परेड राष्ट्रीय एकता की एक शक्तिशाली प्रतीक है, जो भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता, राष्ट्रीय एकता और तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करती है।
समस्त देशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। pic.twitter.com/GXaeh7C5g6
— BJP (@BJP4India) January 26, 2026
सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई। भारत की आन-बान और शान का प्रतीक यह राष्ट्रीय महापर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और नए उत्साह का संचार करे। विकसित भारत का संकल्प और अधिक सुदृढ़ हो, यही कामना है।
— Narendra Modi (@narendramodi) January 26, 2026
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। भारत को 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से आजादी तो मिल गई थी लेकिन 26 जनवरी 1950 को भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित हुआ।
ठीक 76 वर्ष पहले आज ही के दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। कर्तव्य पथ पर मुख्य समारोह में सुबह 10:30 बजे परेड की शुरूआत होगी, जो करीब 90 मिनट तक चलेगी। परेड की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्रीय समर स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने से होगी। इसके बाद वह कर्तव्य पथ पर सलामी मंच पर परेड देखने के लिए पहुंचेंगे।
संस्कृति मंत्रालय ने रविवार को कहा कि दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 'वैश्विक बौद्ध सम्मेलन' में भाग लेने वाले 40 देशों के भिक्षुओं का एक बड़ा समूह कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड के "गणमान्य अतिथियों" में शामिल है। यह सम्मेलन 24 से 25 जनवरी को 'इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कन्फेडरेशन' (आईबीसी) द्वारा मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया गया।
रविवार को यहां एक प्रेस वार्ता में, आईबीसी के महासचिव, वेन. शारत्से खेनसुर रिनपोचे जांगचुप चोडेन ने कहा, ‘‘परेड में, भारत अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेगा, लेकिन यह बुद्ध धर्म की भूमि भी है, जो दुनिया के कई देशों में शांति, प्रेम और करूणा का संदेश फैलाती है।’’
Prime Minister Narendra Modi tweets, "Heartiest Republic Day greetings to all my fellow citizens. May this grand national festival, a symbol of India's honour, pride, and glory, infuse new energy and enthusiasm into your lives. May the resolve for a developed India grow even… pic.twitter.com/uhxyembaov
— ANI (@ANI) January 26, 2026