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खट्टर ने कृषि कानून रद्द करने के फैसले की प्रशंसा की, किसानों से आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया

By भाषा | Updated: November 19, 2021 20:21 IST

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चंडीगढ़, 19 नवंबर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा की शुक्रवार को प्रशंसा की और किसानों से प्रदर्शन समाप्त करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि केंद्र ये कानून किसानों के, खासकर छोटे एवं वंचित किसानों के फायदे के लिए लाया था, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ किसान संघ दिल्ली की सीमाओं पर इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

खट्टर ने कहा, “आज, नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर व्यापक जनहित को चुनते हुए इन कानूनों को निरस्त करने की घोषणा की। हालांकि, इन कानूनों के आने के बाद से ही, कई किसानों ने इन्हें अपने लिए लाभकारी माना और केंद्र सरकार की प्रशंसा की थी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का फैसला दिखाता है कि जनता के हित को ध्यान में रखना उनके लिए सर्वोपरि है और इसलिए उन्होंने आगामी संसदीय सत्र में इन कानूनों को वापस लेने की घोषणा की।

खट्टर ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, “"मैं दिल्ली की सीमा पर बैठे किसानों से भी आग्रह करूंगा कि वे अपना विरोध तुरंत समाप्त करें और अपने घरों को लौट जाएं क्योंकि इस आंदोलन के कारण आम आदमी को भी बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अब, इस मुद्दे के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।”

मोदी ने शुक्रवार को घोषणा की कि सरकार ने इन तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने का फैसला किया है।

खट्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से संबंधित किसानों की मांग को ध्यान में रखते हए एक समिति भी गठित करने की बात कही है।

किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिए जाने के संबंध में, खट्टर ने कहा कि इन मामलों में, कई दूसरे मुद्दों पर भी विचार किया गया।

उन्होंने कहा कि कुछ मामले सामान्य हैं लेकिन कुछ मामले गंभीर धाराओं में दर्ज हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “अब, राज्य सरकार की तरफ से कुछ सकारात्मक पहल की जाएगी।”

इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे किसानों के "लंबे संघर्ष" और "सत्याग्रह" की जीत बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को अब किसानों के बाकी बचे मुददों पर भी चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिससे किसानों का नुकसान कम हो। हुड्डा ने आंदोलन के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमे सरकार द्वारा वापस लिए जाने की अपनी मांग दोहराई।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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