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डॉक्टर की हत्या के बाद केरल सरकार ने लिया बड़ा फैसला, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कार्यरत लोगों की सुरक्षा से जुड़े अध्यादेश को दी मंजूरी, जानें पूरी डिटेल

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 17, 2023 14:24 IST

बयान के अनुसार, अध्यादेश के तहत किसी भी स्वास्थ्य कार्यकर्ता या पेशेवर को गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने का दोषी पाए जाने वाले को एक साल से सात साल तक के कारावास की सजा दी जाएगी और उस पर एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

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ठळक मुद्देअध्यादेश के तहत पैरामेडिकल छात्रों को भी कानून के तहत सुरक्षा प्रदान की जाएगी। राज्य में पिछले दिनों एक महिला डॉक्टर की हत्या की पृष्ठभूमि में यह कदम उठाया गया है।

तिरुवनंतपुरमः केरल सरकार ने चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और मेडिकल छात्रों की सुरक्षा से जुड़े एक अध्यादेश को बुधवार को मंजूरी दे दी। राज्य में पिछले सप्ताह एक युवा चिकित्सक की नृशंस हत्या की पृष्ठभूमि में यह कदम उठाया गया है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह पुलिस परिवारिक झगड़े के बाद आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल ले गई थी, जहां आरोपी ने डॉक्टर की हत्या कर दी थी। कोट्टयम जिले के कादुथुरुथी की रहने वाली डॉक्टर वंदना दास अपने माता-पिता की इकलौती संतान थीं।

सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में आज की गई मंत्रिमंडल की बैठक में केरल स्वास्थ्य देखभाल सेवा कार्यकर्ता तथा स्वास्थ्य देखभाल सेवा संस्थान (हिंसा व संपत्ति को नुकसान की रोकथाम) संशोधन अध्यादेश 2012 को मंजूरी दी गई।  बयान के अनुसार, मौजूदा असंशोधित कानून में पंजीकृत तथा अनंतिम (प्रोविजनल) रूप से पंजीकृत चिकित्सक, पंजीकृत नर्स, मेडिकल छात्र, नर्सिंग छात्र और स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत पैरामेडिकल कर्मी शामिल हैं।

अध्यादेश के तहत पैरामेडिकल छात्रों को भी कानून के तहत सुरक्षा प्रदान की जाएगी। बयान में कहा गया, इनके अलावा, पैरामेडिकल कर्मियों, सुरक्षा गार्ड, प्रबंधकीय कर्मचारी, एम्बुलेंस चालक, सहायक जो स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों में तैनात हैं या उनमें काम करते हैं.. और समय-समय पर आधिकारिक सरकारी राजपत्र में अधिसूचित स्वास्थ्य कार्यकर्ता अध्यादेश के अधीन आएंगे।

बयान के अनुसार, अध्यादेश के तहत किसी भी स्वास्थ्य कार्यकर्ता या पेशेवर को गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने का दोषी पाए जाने वाले को एक साल से सात साल तक के कारावास की सजा दी जाएगी और उस पर एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य कर्मियों या स्वास्थ्य संस्थानों में काम करने वालों के खिलाफ हिंसा करता है या इसकी कोशिश करता है या ऐसा करने के लिए उकसाता है तो उसे कम से कम छह महीने से पांच साल तक की कैद की सजा दी जाएगी तथा 50,000 रुपये से दो लाख रुपये तक का जुर्माना दिया जाएगा। अध्यादेश को अब केरल के राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। 

भाषा इनपुट के साथ

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