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कुलाधिपति पद छोड़ने का केरल के राज्यपाल का फैसला अवैध : कांग्रेस

By भाषा | Updated: December 30, 2021 18:46 IST

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तिरुवनंतपुरम, 30 दिसंबर केरल में विपक्षी कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को यह कहते हुए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पर निशाना साधा कि राज्य में विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के पद पर न रहने का उनका रुख “अवैध” है और उन्हें बचकानी बात नहीं करनी चाहिए।

राज्य विधानसभा में नेता विपक्ष वीडी सतीशन ने पूछा कि राज्यपाल के पास खुद से यह घोषित करने का क्या अधिकार है कि वह कुलाधिपति के पद पर नहीं रहेंगे, जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि उनके कदम से विश्वविद्यालयों के स्वतंत्र और पारदर्शी कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

विपक्षी दल की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं खान द्वारा एक दिन पहले यह कहने के बाद आई कि उन्होंने आठ दिसंबर से कुलाधिपति के रूप में कार्य करना बंद कर दिया है और उनके कार्यालय ने केरल उच्च न्यायालय द्वारा कन्नूर विश्वविद्यालय के कुलपति की पुनर्नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर कुलाधिपति को भेजे गए नोटिस को राज्य सरकार को अग्रसरित कर दिया होगा।

राज्यपाल और केरल सरकार के बीच बीते कुछ दिनों से इस मामले को लेकर खींचतान चल रही है और सरकार का आरोप है कि विश्वविद्यालयों के कामकाज में राजनीतिक दखल दिया जा रहा है।

कुलाधिपति के अधिकारों को कमजोर करने की कथित कोशिश का विरोध करते हुए खान ने हाल ही में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को एक पत्र लिखकर विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में पदभार संभालने का अनुरोध किया था।

सतीशन ने संवाददाताओं से कहा, “एक राज्यपाल कानून के खिलाफ कैसे बोल सकता है? यदि ऐसा है, तो कानूनों की प्रासंगिकता क्या है? राज्यपाल कानून या आलोचना से ऊपर नहीं हैं। वह राज्य में लागू कानून का पालन करने के लिए बाध्य है।”

यह आरोप लगाते हुए कि एक राज्यपाल के लिए यह घोषणा करना कि वह एक कुलाधिपति के तौर पर काम करना जारी नहीं रखेंगे, सतीशन ने कहा कि यह उन्हें और उनकी पार्टी को स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल को बचकानी बात नहीं करनी चाहिए थी।

इस बीच, चेन्निथला ने कहा कि वह कन्नूर वीसी की पुनर्नियुक्ति पर उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू द्वारा खान को लेकर लिखे गए पत्र पर उनके खिलाफ लोकायुक्त से संपर्क नहीं कर पाए क्योंकि राज्यपाल के कार्यालय ने उन्हें सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी अब तक उपलब्ध नहीं कराई है।

चेन्निथला ने चेतावनी दी कि उन्हें (खान को) चुनौती देने वाली मंत्री के इस्तीफे की मांग किए बिना कुलाधिपति पद से इस्तीफा देने की उनकी घोषणा उनके (मंत्री) और सरकार के लिए और गलतियां करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

उन्होंने कहा कि अचानक इस्तीफे से विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक संकट पैदा हो जाएगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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