लाइव न्यूज़ :

केरल: खेल-खेल में 2 साल के बच्चे ने निगल लिया रिमोट की बैटरी, लड़के को लेकर अस्पताल दौड़े माता-पिता और फिर.....

By आजाद खान | Updated: December 19, 2022 17:17 IST

ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि बहुत ही सही समय पर बच्चे को अस्पताल में लाया गया है और केवल 20 मिनट में ऑपरेशन कर उसके पेट से बैटरी निकाली गई है।

Open in App
ठळक मुद्देकेरल में एक 2 साल के बच्चे द्वारा रिमोट की बैटरी निगल लेने की बात सामने आई है। ऐसे में जैसे ही बच्चे के माता पिता को इस बात की खबर मिले वे उसे लेकर अस्पताल दौड़ गए। खबर मिलते ही डॉक्टरों ने तुरन्त ऑपरेशन कर बच्चे की जान बचा ली है।

तिरुवनंतपुरम: केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक दो सला के बच्चे द्वारा रिमोट की बैटरी निगल लेने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि जब बच्चे के माता पिता को इस बारे में पता चला कि रिमोट खुला हुआ है और उसकी बैटरी गायब है तो वे तुरन्त समढ गए कि बच्चे ने उसे निगल लिया है। 

इस बीच बच्चे की हालत भी गंभीर होने लगी और उसे तुरन्त अस्पताल ले जाया गया है जहां उसका ऑपरेशन हुआ है और वे अब ठीक है। डॉक्टर ने बताया बच्चे का इलाज अस्पताल में जारी और अब वह खतरे से बाहर है। 

ऐसे बची बच्चे की जान

यह घटना राजधानी तिरुवनंतपुरम का एक इलाके का है जहां गलती से खेल खेल में एक दो साल के बच्चे द्वारा रिमोट की बैटरी निगल लेने का मामला सामने आया है। ऐसे में जैसे ही बच्चे के माता पिता को अंदाजा हुआ कि बच्चे ने गलती से रिमोट की बैटरी निगल ली है, वे पास के एक स्थानीय अस्पताल ले गए। वहां के डॉक्टरों ने बच्चे को एनआईएमएस अस्पताल में रेफर किया है और उसके घर वालों ने अस्पताल में भर्ती कराया। 

जब एनआईएमएस अस्पताल के डॉक्टरों को इस बात की खबर मिली तो उन लोगों ने जल्दी से ऑपरेशन थियेटर को अलर्ट किया और बच्चे को एनेस्थीसिया देकर उसका इलाज शुरू कर दिया था। ऐसे में केवल 20 मिनट के अंदर ही डॉक्टरों ने बच्चे का सफल ऑपरेशन कर उसकी जान को बचा लिया है। डॉक्टर का कहना है बच्चा अभी ठीक है और वह डॉक्टर के निगराने में है। 

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, खेल खेल में बच्चा गलती से एक रिमोट की बैटरी निगल लिया था जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी थी। बताया जा रहा है कि रिमोट की बैटरी का साइज  पांच सेंटीमीटर लंबी और डेढ़ सेंटीमीटर चौड़ी थी जिसे बच्चे ने निगला था। ऐसे में सही समय पर अस्पताल में लाने से बच्चे की जान बच गई है। 

इस पर बोलते हुए एनआईएमएस अस्पताल के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर जयकुमार ने कहा है कि हम वक्त रहते एंडोस्कोपी के माध्यम से पेट से बैटरी को निकालने में कामयाब हुए है। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर बच्चे को कहीं और भर्ती कराया गया होता तो उसे बचाना काफी मुश्किल हो सकता था। 

टॅग्स :केरलchildOperation Centerडॉक्टर
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

ज़रा हटकेपैंट ओपन और कई बार नशे में गिरे?, ड्यूटी के दौरान शराब पी रखी थी समेली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. विनय कुमार सिंह?

भारतपश्चिम एशिया में जारी युद्ध का भारत पर कम से कम प्रभाव पड़े?, पीएम मोदी बोले- भारतीयों के जीवन को खतरे में डालने वाली ‘खतरनाक’ टिप्पणी

भारतKerala Assembly Election 2026: त्रिशूर में पीएम मोदी आज करेंगे रोड शो, एनडीए उम्मीदवारों से होगी मुलाकात

भारतSonia Gandhi health update: सिस्टमिक इन्फेक्शन के लिए एंटीबायोटिक्स से इलाज?, मां को देखने सर गंगा राम अस्पताल पहुंचे राहुल गांधी

भारत अधिक खबरें

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos