बेंगलोर, 19 मई। कर्नाटक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही बीजेपी की कर्नाटक में सरकार गिर गई है। ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। येदियुरप्पा ने 15 मई को 32वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। येदियुरप्प्पा के इस्तीफे के साथ कर्नाटक में मचे राजनीतिक घमासान पर शायद अंकुश लग गया है। येदियुरप्पा के इस्तीफा देने के साथ ही कर्नाटक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट टल गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने विश्वास मत पेश किया था। बीजेपी के पास 104 सीटें थी लेकिन बहुमत के लिए उसे 112 सीटों की जरूरत थी। अपने भाषण के दौरान येदियुरप्पा भावुक नजर आए उनकी आंखे भरी हुई थी और गला भी थोड़ा भारी हो गया था। यहां पढ़े येदियुप्पा के इस्तीफा भाषण की 10 बड़ी बातें।
1) अपने भाषण में येदियुरप्पा ने सिद्धारमैया और कुमारस्वामी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसानों और समुदायों की भावनाओं का ध्यान रखती है। जबकि कांग्रेस और जेडीएस ने लोगों के साथ धोखा किया है।
2) अपने भाषण में येदियुरप्पा ने कहा कि वे विश्वास प्रस्ताव का सामना नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं। कर्नाटक विधानसभा में भाषण समाप्त कर बी एस येदियुरप्पा राजभवन गए और उन्होंने राज्यपाल वजुभाई वाला को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
3) कर्नाटक में फ्लोर टेस्ट से करीब डेढ़ घंटे पहले ही मीडिया और सोशल मीडिया में ये अफवाह फैल चुकी है। बीएस येदियुरप्पा बहुमत परीक्षण से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद विधानसभा में उन्होंने अपने 13 पेज का भाषण पूरा किए बिना ही इस्तीफा दे दिया।
4) अपने भाषण के दौरान बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि अगर आज चुनाव होता है तो उनकी पार्टी 150 सीटें जीतेंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि 2019 की लोकसभा में भी हम 28 की 28 सीटें भी बीजेपी ही जीतेंगी।
5) बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि हालिया प्रकरण में उन्हें जिस तरह की जिम्मेदारी मिली है, उसको उन्होंने बखुबी निभाया है। यह कहते हुए उनका गला भर आया। वे काफी भावुक अंदाज में अपना भाषण पढ़ रहे थे।
6) उनका इस्तीफा भाषण लगभग चुनावी भाषण जैसा ही था। उन्होंने साल 2008 से लेकर अब तक की अपनी राजनैतिक यात्रा की याद दिलाते हुए अपनी बातें रखी।
7) बीएस येदियुरप्पा ने अपने भाषण के दौरान कहा कि, उन्होंने कर्नाटक की जनता के लिए जो सोचा था वो अब नहीं हो पाएगा।
8) उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री के रूप में इस्तीफा देने जा रहा हूं। मैं राजभवन जाऊंगा और अपना इस्तीफा सौंप दूंगा। अपने भावनात्मक भाषण के बाद उन्होंने विधानसभा में कहा कि मैं विश्वास मत का सामना नहीं करूंगा। मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं।
9) बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद अब राज्य में जेडीएस प्रमुख एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व में सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया है। जेडीएस को कांग्रेस का समर्थन हासिल है।
10) कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने 224 सदस्यीय विधानसभा में 117 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। दो सीटों पर कुछ कारणों से मतदान नहीं हो सका था जबकि कुमारस्वामी दो सीटों से चुनाव जीत थे। इस चुनाव में बीजेपी 104, कांग्रेस 78 और जेडीएस 38 सीटें जीतने में सफल रही है।