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कर्नाटक: "12 साल से ज्यादा उम्र वाले गायों को काटने की अनुमति देता है संविधान", गौहत्या विरोधी कानून को रद्द करने पर बोले सीएम सिद्धारमैया

By आजाद खान | Updated: June 5, 2023 17:32 IST

कर्नाटक के गोवध विरोधी कानून पर बोलते हुए सीएम सिद्धारमैया ने कहा है कि “हम कैबिनेट में इस पर (गौवध विरोधी कानून की समीक्षा) चर्चा करेंगे और निर्णय लेंगे।”

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ठळक मुद्देकर्नाटक में गोवध विरोधी कानून को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।भाजपा ने 2021 में कानून लाकर गाय हत्या पर बैन लगा दिया था। जिसे अब सत्ता में आने के बाद कांग्रेस उस कानून पर फिर से विचार करने की बात कह रही है।

बेंगलुरु: कर्नाटक में गोवध विरोधी कानून को संभवत: रद्द करने को लेकर राज्य में भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग जारी है। इस बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को कहा है कि इस मुद्दे पर कैबिनेट में चर्चा के बाद ही फैसला लिया जाएगा। यही नहीं सीएम सिद्धारमैया ने राज्य के पशुपालन मंत्री के वेंकटेश के बयान का बचाव करते हुए कहा है कि यदि भैंसों को काटा जा सकता है तो गायों को क्यों नहीं काटा जा सकता है। 

इस मुद्दे पर सीएम सिद्धारमैया ने आगे कहा है कि 12 साल से ज्यादा उम्र वाले गायों का काटा जा सकता है, इसकी इजाजत संविधान देता है। उधर भाजपा ने इस कानून के रद्द होने की संभावना को देखते हुए सोमवार को पूरे कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन भी किया था। बता दें कि भाजपा ने कर्नाटक पशुवध रोकथाम और पशु संरक्षण अधिनियम 2020 को साल 2021 में लागू किया था, ऐसे में इस कानून का कांग्रेस ने विरोध किया था जो उस समय विपक्ष में था। 

इस मुद्दे पर क्या बोले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 

मामले में बोलते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि “हम कैबिनेट में इस पर (गौवध विरोधी कानून की समीक्षा) चर्चा करेंगे और निर्णय लेंगे। 1964 के अधिनियम के अनुसार, ऐसी गायों को मारने का प्रावधान है जो 12 वर्ष से अधिक पुरानी हैं और जिनका उपयोग कृषि गतिविधियों में नहीं किया जा सकता है।”

सीएम सिद्धारमैया ने आगे कहा है कि कर्नाटक के पशुपालन मंत्री के वेंकटेश का भी यही कहना था जो मैंने कहा है, वे अपनी बात को सही से समझा नहीं पाएं थे। 

क्या कहा था पशुपालन मंत्री के वेंकटेश ने

इससे पहले कर्नाटक के पशुपालन मंत्री ने मीडिया से कहा था कि जब भैंसों का वध किया जा सकता है तो गायों के लिए अपवाद क्यों है। यही नहीं उन्होंने इस कानून पर फिर से विचार करने की भी बात कही थी। उन्होंने कहा था कि “हमने अभी तक फैसला नहीं किया है। पिछली बीजेपी सरकार एक विधेयक लेकर आई थी, जिसमें उसने भैंसों और नर भैंसों के वध की अनुमति दी थी, लेकिन कहा था कि गोहत्या नहीं होनी चाहिए। हम इस पर चर्चा करेंगे और फैसला करेंगे।” 

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