नयी दिल्ली, 28 नवंबर (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ शुक्रवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन करेगा और विश्वविद्यालय का सुगम संचालन बहाल करने के लिये गठित एक समिति की सिफारिशें सार्वजनिक करने की मांग की जाएगी। जेएनयू के छात्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को ने बताया कि शुक्रवार को यह प्रदर्शन किया जाएगा।
गौरतलब है कि एचआरडी मंत्रालय ने विश्वविद्यालय के सामान्य कामकाज को बहाल करने के लिये तीन सदस्यीय एक समिति गठित की थी। इसने अपनी रिपोर्ट मंगलवार को मंत्रालय को सौंप दी। छात्र संघ का प्रदर्शन इस मांग के लिये हो रहा है कि रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और छात्रावास शुल्क वृद्धि पूरी तरह से वापस ली जाए।
छात्रों ने छात्रावास शुल्क वृद्धि के खिलाफ महीने भर प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि उनके महीने भर के प्रदर्शन से उन्हें हुए अकादमिक नुकसान के लिये विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार है और इसलिए सेमेस्टर बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कुलपति एम जगदीश कुमार को हटाने की भी मांग की।
जेएनयू के छात्रों के विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने गरीबी रेखा से नीचे के छात्रों के लिए हॉस्टल फ़ीस एवं अन्य शुल्क में 50 फीसदी की छूट दी थी लेकिन छात्रों ने इस अस्वीकार कर दिया।
दि प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार जेएनयू प्रशासन द्वारा प्रस्तावित फ़ीस लागू होने के बाद जेएनयू देश का सबसे महँगा केंद्रीय विश्वविद्यालय हो जाएगा।