JDU Meeting Delhi: जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से ललन सिंह के द्वारा इस्तीफा दे दिए जाने के बाद नीतीश कुमार ने एक बार फिर से पार्टी की कमान अपने हाथों में ले ली है। ललन सिंह ने दिल्ली में जदयू कार्यकारिणी की बैठक के दौरान पार्टी को अपना इस्तीफा सौंपा था। जदयू के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अब नीतीश कुमार खुद पार्टी की कमान संभालेंगे।
नीतीश कुमार इससे पहले 2016 से 2020 तक जदयू के अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके बाद आरसीपी सिंह व ललन सिंह जदयू के अध्यक्ष बने थे। नीतीश कुमार के पार्टी के अध्यक्ष बनने के साथ ही यह क्लियर हो गया कि नीतीश कुमार ही जदयू के सर्वमान्य नेता हैं और जब-जब पार्टी के कमजोर होने या गुटबाजी की स्थिति सामने आती है तो वे खुद मोर्चा संभालते हैं।
नीतीश कुमार के पार्टी के अध्यक्ष बनने के साथ ही विपक्षी दलों की इंडिया गठबंधन में उनके लिए विशेष भूमिका तय किये जाने की मांग होने लगी है। दिल्ली में कार्यक्रम स्थल के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि 'इंडिया’ मांगे नीतीश अगर गठबंधन को जीत चाहिए तो चेहरा नीतीश कुमार का चाहिए।
इसके पहले राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ललन सिंह ने अपने इस्तीफे की पेशकश यह करते हुए कहा कि उन्हें लोकसभा चुनाव में अपने संसदीय क्षेत्र में सक्रिय होना है। इसके लिए वे पार्टी की कमान खुद अपने हाथों में नहीं रख सकते हैं। बाद में उन्होंने इस्तीफा दिया, जिसे स्वीकार किया गया।
ललन सिंह को 21 जुलाई 2021 को जदयू का अध्यक्ष बनाया गया था। उन्हें फिर से 5 दिसंबर 2022 को दूसरी बार पार्टी के अध्यक्ष पद की कमान सौपी गई। उसके बाद ललन सिंह के अध्यक्ष पद छोड़ने को लेकर कई तरह की अटकलबाजी शुरू हुई। पिछले सप्ताह से यह चर्चा जोरों पर आई कि वे अध्यक्ष पद से हटाए जाएंगे।
वहीं जब नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने को लेकर जब पत्रकारों ने मंत्री अशोक चौधरी से सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि नीतीश जी इज ब्रांड, उन्हीं का सबकुछ है। अशोक चौधरी ने कहा कि नीतीश जी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पार्टी का कोई भी नेता या कार्यकर्ता नाराज थोड़े ही होगा। वह पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं।