पटनाः जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने नीतीश सरकार पर हमला बोला है।
पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने ट्वीट कर कहा कि कोरोना में जनता मर रही थी, हुक्मरान अपना घर भर रहे थे। पांच RTPCR जांच वैन की कीमत 10 करोड़, तीन महीने का इसका किराया 29 करोड़, बेशर्मी से लूट की खुली छूट!
लॉकडाउन उल्लंघन मामले में पटना स्थित आवास से डीटेन किए जाने के बाद अपहरण मामले में हिरासत में लिए जाने का पप्पू यादव लगातार विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को फिर एक बार बिहार पुलिस पर उनका गुस्सा फूटा है। उन्होंने ट्वीट कर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया है।
पप्पू यादव लगातार ट्वीट कर बिहार सरकार पर हमला कर रहे हैं। आखिर किसको मुझ से डर है, कौन मुझे जेल में कैद रखने की साजिश रच रहा है? 32 साल पुराने मामले के बाद अब ढाई साल पहले के जनांदोलन के मामले में पटना पुलिस की नींद टूटी। 2019 में बेटियों के रेप के खिलाफ आंदोलन के मामले में अब प्रोडक्शन वारंट लिया है। इतने दिन से कहां सोई थी पटना पुलिस?
इलाज के लिए बृहस्पतिवार को दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (डीएमसीएच) भेजा गया। उन्हें 32 साल पुराने अपहरण एक मामले में 11 मई को गिरफ्तार किया गया था और सुपौल जिले के बीरपुर उपकारा में न्यायिक हिरासत में रखा गया था।
गौरतलब है कि बिहार के एक भाजपा सांसद निधि से खरीदे गए दर्जनों एंबुलेंस के कोरोना महामारी के बावजूद इस्तेमाल नहीं किए जाने को उजागर कर हाल ही में सुर्खियों में आए पप्पू यादव को पटना पुलिस ने पिछले मंगलवार को उनके पटना स्थित आवास से लॉकडाउन नियमों के उल्लघंन के आरोप में हिरासत में लिया था। बाद में मधेपुरा जिले के कुमारखंड थाने में वर्ष 1989 में दर्ज एक मामले में फरार रहने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार करके मधेपुरा पुलिस को सौंप दिया गया था।