लाइव न्यूज़ :

जम्मू-कश्मीर: बडगाम में आतंकियों ने पूर्व एसपी के घर किया हमला, लूटे हथियार

By सुरेश डुग्गर | Updated: October 15, 2018 11:25 IST

घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने घटना की जानकारी हासिल की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसी बीच हथियार लूट की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है।

Open in App

मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के गोपालपोरा इलाके में आतंकियों ने रविवार की देर रात एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी के घर हमला कर दो हथियार लूट लिए। एसएसपी तेजिंदर सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे इलाके में सर्च आपरेशन चलाया गया है। 

 गोपालपोरा की नूरानी कॉलोनी में सेवानिवृत्त एसपी गुलाम अहमद शेख के घर आतंकी घुस गए। उन्होंने सुरक्षा में तैनात गार्डों को काबू में कर उनके दो कारबाइन व चार मैगजीन लूट लिए। इसके बाद वे भाग निकले।

घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने घटना की जानकारी हासिल की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसी बीच हथियार लूट की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है।

हमले और हथियार लूटे जाने की सूचना मिलते ही पुलिस व सीआरपीएफ के जवान व अधिकारी मौक पर पहुंच गए हैं। उन्होंने हालात का जायजा लेते हुए आतंकियों को पकड़ने के लिए आसपास के इलाके की घेराबंदी भी कर ली है। 

 वैसे हथियार लूट की यह पहली घटना नहीं है इससे पहले पिछले महीने उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में सुरक्षाकर्मी से सरकारी हथियार की लूट हुई थी।

पूर्व मंत्री व विधायक अब्दुल हक खान के कुपवाड़ा जिले में दौरे के दौरान सुरक्षा ड्यूटी में तैनात एक सुरक्षाकर्मी पर हमला कर आतंकियों ने हथियार लूट लिए थे। लेकिन इस सीमांत जिले में लूट की इस पहली घटना से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थी। उस वक्त हथियार लूट की जिम्मेदारी हिजबुल मुजाहिदीन ने ली थी।

 दरअसल, जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों पर दबाव बनाने के लिए राज्य सरकार ने लगभग 30 हजार ऐसे नौजवानों को भर्ती कर रखी है जो सेना और राज्य पुलिस की मदद करते हैं। इन्हीं में से कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गयी है, जैसे-प्रभावशाली लोगों की सुरक्षा की जिम्मेबारी।

आतंकवादी इन पुलिकर्मियों को आसानी से अपना निशाना बना लेते हैं। इन दिनों आतंकवादियों ने चिंहित कर कई ऐसे पुलिकर्तियों की भी हत्या की है।

 मसलन आतंकवादियों को लगता है कि ये स्थानिय पुलिस उनकी मुखबीरी करते हैं और सेना को आतंकवादियों के गतिविधियों की जानकारी देते हैं, इसलिए आतंकवादी इन पुलिसकर्मियों को आसान शिकार बना रहे हैं।

उधर सेना के पास आधुनिक हथियार होता है लेकिन इन पुलिसकर्मियों के पास पुरान हथियार होते हैं आतंकवादियों के लिए वे हथियार भी कामयाब होते हैं। हाल के दिनों में कई राज्य पुलिस विभाग के सुरक्षाकर्मियों से हथियार लूटने की घटना सामने आयी है।

टॅग्स :जम्मू कश्मीर
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारतJammu-Kashmir: पाक की ओर से जम्मू सीमा पर गोलीबारी, भारतीय रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट पर हमले की कोशिश नाकाम

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील