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उरी में बड़े पैमाने पर आतंकियों की घुसपैठ का शक! सेना के कई जवान तलाश में जुटे, फोन और इंटरनेट सेवाएं बंद

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: September 21, 2021 11:32 IST

उरी में सीमा पार से कई आतंकियों के घुसपैठ करने के बाद लापता हो जाने की खबरें हैं। सेना के कई जवान पिछले कई घंटे से आतंकियों के इस ग्रुप की तलाश में जुटे हैं।

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ठळक मुद्देउरी सेक्टर में सीमा पार से आतंकियों के बड़े ग्रुप की घुसपैठ की खबर है।ऐसी खबरें हैं कि आतंकियों के ग्रुप के साथ सेना का आमना-सामना भी हुआ है, हालांकि वे छुप गए हैं।ऐसी आशंका है कि आतंकियों की संख्या 20 से 25 हो सकती है।

जम्मू: उरी सेक्टर में सीमा पार से आकंकियों की घुसपैठ की खबर के बीच फोन और इंटरनेट की सेवाओं को बंद कर दिया गया है। यह पहली बार है जब घुसपैठ की बात सामने आने के बाद किसी तहसील में इंटरनेट और फोन सेवाओं को ब्लाक कर दिया गया हो। 

चिनार कोर (श्रीनगर स्थित 15वीं कोर के कोर कमांडर) जनरज डीपी पांडे के मुताबिक घुसपैठ हुई है, गोलीबारी भी हुई है और उसके बाद आतंकियों का ग्रुप लापता हो गया है। इसमें कितने आतंकी थे, ये जानकारी नहीं मिल सकी है। हालांकि, ये बात जरूर सामने आई है कि वे भारी हथियारों से लैस हैं।

आतंकियों के घुसपैठ पर फोन- इंटरनेट क्यों हुए बंद

इस बीच सैंकड़ों सैनिक गांवों और जंगलों में आतंकियों की तलाश कर रहे हैं, जिनकी संख्या 20 से 25 के बीच बताई जा रही है। ये बात सामने आई है कि आतंकियों के इस जत्थे को उरी में बैठे हुए उनके ओवर ग्राउंड वर्करों व गाइडों द्वारा गाइड किया जा रहा था जिस कारण फोन, मोबाइल और इंटरनेट सेवा पर रोक लगा देनी पड़ी है। 

वहीं, इससे पहले रक्षा प्रवक्ता ने कहा था कि घुसपैठियों की संख्या 6 से 8 के बीच थी जिनमें से 5-6 वापस लौट गए और बाकी घुसने में कामयाब रहे हैं। हालांकि, सेना के इस दावे पर किसी को यकीन इसलिए नहीं हो रहा क्योंकि मात्र 2-3 आतंकियों के लिए इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं रोक देना जायज नहीं लगा रहा था। 

उरी सेक्टर में घुसपैठ का यह कोई पहला मामला नहीं है पर अफगानिस्तान में तालिबान के काबिज होने के उपरांत यह सबसे बड़ा घुसपैठ का प्रयास है। इसलिए ऐसे शक भी व्यक्त किे जा रहा है कि इस जत्थे में तालिबानी भी हो सकते हैं। 

उरी में घुसपैठ की घटना के उपरांत 20 से 25 आतंकियों के गुम हो जाने की घटना के उपरांत सैंकड़ों जवानों को तलाशी अभियान में लगाया गया है। लड़ाकू हेलिकाप्टर भी घने जंगलों की थाह ले रहे हैं। दिक्कत यह है कि उरी में एलओसी के कई इलाकों में बर्फबारी हमेशा तारबंदी को नेस्तनाबूद कर देती है और इसी का लाभ उठा आतंकी घुसपैठ करने में कामयाब हो जाते हैं।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरआतंकवादी
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