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जम्मू-कश्मीरः अस्पतालों में इंटरनेट बैन को लेकर SC ने याचिकाकर्ता से कहा- हाईकोर्ट का खटखटाएं दरवाजा

By रामदीप मिश्रा | Updated: October 1, 2019 12:59 IST

केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में प्रदेशों में बांटने के फैसले की पूर्व संध्या पर चार अगस्त की शाम से घाटी में पाबंदियां लागू हैं। 

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ठळक मुद्देदेश की सर्वोच्च अदालत यानि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (01 अक्टूबर) को एक याचिकाकर्ता से कहा है कि वह जम्मू हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाए।याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से जम्मू और कश्मीर के सभी अस्पतालों और चिकित्सा प्रतिष्ठानों में हाई स्पीड इंटरनेट सेवाओं और फिक्स्ड लैंडलाइन फोन सेवाओं को तुरंत बहाल करने के लिए निर्देश देने की मांग की थी।

देश की सर्वोच्च अदालत यानि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (01 अक्टूबर) को एक याचिकाकर्ता से कहा है कि वह जम्मू हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाए। दरअसल, याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से जम्मू और कश्मीर के सभी अस्पतालों और चिकित्सा प्रतिष्ठानों में हाई स्पीड इंटरनेट सेवाओं और फिक्स्ड लैंडलाइन फोन सेवाओं को तुरंत बहाल करने के लिए निर्देश देने की मांग की थी।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में प्रदेशों में बांटने के फैसले की पूर्व संध्या पर चार अगस्त की शाम से घाटी में पाबंदियां लागू हैं।  इधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कश्मीर घाटी में अब कोई प्रतिबंध नहीं है और समूचे विश्व ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने का समर्थन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पांच अगस्त को लिए गए साहसिक कदम की वजह से जम्मू-कश्मीर अगले 5-7 साल में देश का सबसे विकसित क्षेत्र होगा।

उनका कहना था कि कश्मीर में 196 थाना-क्षेत्रों में से हर जगह से कर्फ्यू हटा लिया गया है और सिर्फ आठ थाना-क्षेत्रों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत पाबंदियां लगाई गई हैं। इस धारा के तहत पांच या इससे ज्यादा लोग एक साथ इकट्ठा नहीं हो सकते हैं। 

उन्होंने बताया था कि कुछ दिनों से मोबाइल कनेक्शन नहीं चलने को लेकर लोग हल्ला कर रहे हैं। फोन की कमी से मानवाधिकार उल्लंघन नहीं होता है। जम्मू-कश्मीर में 10,000 नए लैंडलाइन कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि बीते दो महीने में छह हजार पीसीओ दिए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ अनुच्छेद 370 पर फैसला भारत की एकता और अखंडता को मजबूत करेगा।

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