लाइव न्यूज़ :

कश्मीर: 10 महीने में नौ बीजेपी नेताओं समेत 42 लोगों की आतंकवादियों ने की हत्या, राजनीतिक कार्यकर्ताओं को बना रहे हैं निशाना

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: November 3, 2020 13:24 IST

बडगाम में आतंकियों ने सितंबर में ब्लाक विकास परिषद के चेयरमैन स भूपेंद्र सिंह को दलवाछ में उनके घर के बाहर कत्ल किया। अनंतनाग में कांग्रेस से जुड़े सरपंच अजय पंडिता को उनके घर के बाहर आतंकियों ने कत्ल किया।

Open in App
ठळक मुद्देखास बात यह थी कि इन सभी की मौतों की जिम्मेदारी टीआरएफ नामक नए उभरे आतंकी गुट ने ली थी।अधिकारियों का कहना था कि यह लश्करे तौयबा, हिज्बुल मुजाहिदीन तथा जैश ए मुहम्मद का ही गठजोड़ है। घुसपैठ न होने के कारण पाकिस्तान के इशारों पर सभी आतंकी गुट एकजुट होकर अब हमलों को अंजाम दे रहे हैं।

जम्मूः कश्मीर में अशांति फैलाने और लोगों में डर पैदा करने को आतंकी अब नेताओं व राजनीतिक कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं। पिछले 10 महीनों में कश्मीर में मारे गए 42 लोगों में 15 किसी न किसी तरह से राजनीतिक दलों से जुड़े हुए थे।

यही नहीं, चौंकाने वाला तथ्य यह है कि आतंकियों का निशाना अब खासतौर पर भाजपा से जुड़े लोग हैं। यह इसी से स्पष्ट होता था कि इस साल 10 महीनों के भीतर उन्होंने जिन 15 नेताओं की हत्या की उनमें से 9 का संबंध भाजपा से ही था। आतंकियों द्वारा कत्ल किए गए भाजपा नेताओं में बांडीपोरा निवासी वसीम बारी, उनके भाई उमर शेख और पिता बशीर शेख के अलावा ओमपोरा बडग़ाम के अब्दुल हमीद नजार भी शामिल हैं। वह भाजपा के ओबीसी सेल के प्रदान थे।

फिदा हुसैन अपने दो अन्य साथियों उमर रमजान व हारुन रशीद संग गत सप्ताह मारे गए

कुलगाम में भाजपा के युवा मोर्चा महासचिव फिदा हुसैन अपने दो अन्य साथियों उमर रमजान व हारुन रशीद संग गत सप्ताह मारे गए हैं। भाजपा से जुड़े खनमोह के पंच निसार अहमद उर्फ कोबरा को आतंकियों ने अगवा करने के बाद दानगाम शोपियां में कत्ल किया जबकि कुलगाम में एक सरपंच सज्जाद खांडे को आतंकियों ने उनके घर के बाहर ही मौत के घाट उतारा। बडगाम में आतंकियों ने सितंबर में ब्लाक विकास परिषद के चेयरमैन स भूपेंद्र सिंह को दलवाछ में उनके घर के बाहर कत्ल किया। अनंतनाग में कांग्रेस से जुड़े सरपंच अजय पंडिता को उनके घर के बाहर आतंकियों ने कत्ल किया।

इस साल इन राजनीतिक हत्याओं की खास बात यह थी कि इन सभी की मौतों की जिम्मेदारी टीआरएफ नामक नए उभरे आतंकी गुट ने ली थी जिसके प्रति अधिकारियों का कहना था कि यह लश्करे तौयबा, हिज्बुल मुजाहिदीन तथा जैश ए मुहम्मद का ही गठजोड़ है।

दरअसल आतंकी गुटों में भर्ती कम होने तथा उस पार से घुसपैठ न होने के कारण पाकिस्तान के इशारों पर सभी आतंकी गुट एकजुट होकर अब हमलों को अंजाम दे रहे हैं। वैसे कश्मीर में राजनीतिक दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं पर हमले कोई नई बात नहीं हैं। जबसे कश्मीर में आतंकवाद फैला है, आतंकी दहशत और अशांति फैलाने की खातिर कई बार मंत्रियों, विधायकों आदि की हत्याएं कर चुके हैं। सरकारी आंकड़ों के बकौल, इन 32 सालों में 1200 से अधिक नेता मौत के घाट उतारे जा चुके हैं और आज भी वे सर्वप्रथम निशाने पर हैं।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कांग्रेसजम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंसजम्मू कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टीआतंकवादीआतंकी हमलागृह मंत्रालयमनोज सिन्हा
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतश्रीपेरंबुदूर से उम्मीदवार तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, 27 उम्मीदवार घोषित, देखिए

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारत अधिक खबरें

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप