लाइव न्यूज़ :

जामिया और एएमयू पर सप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेने की अपील, CJI बोबडे ने कहा- अगर हिंसा जारी रही तो हम नहीं सुनेंगे

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 16, 2019 12:44 IST

वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने कहा कि देशभर में मानवाधिकार का गंभीर उल्लंघन हो रहा है। जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने को कहा।

Open in App
ठळक मुद्देसुप्रीम कोर्ट इस मामले में मंगलवार को सुनवाई करेगा।दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए तुरंत सूचीबद्ध करने से इनकार किया।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पुलिस की बर्बरता पर सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेने की अपील की गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने कहा कि देशभर में मानवाधिकार का गंभीर उल्लंघन हो रहा है। जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने को कहा।

सुप्रीम कोर्ट इस मामले में मंगलवार को सुनवाई करेगा। दूसरी तरफ दिल्ली उच्च न्यायालय ने जामिया विश्वविद्यालय में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में दाखिल याचिका को सुनवाई के लिए तुरंत सूचीबद्ध करने से इनकार किया।

चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा, 'हम अधिकार सुनिश्चित करेंगे लेकिन दंगे के माहौल में नहीं। पहले यह सब रुकने दो उसके बाद संज्ञान लिया जाएगा। हम अधिकारों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ नहीं हैं।'

वरिष्ठ वकील कोलिन गोन्जाल्विस ने कहा कि जामिया मामले की सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज से जांच करवानी चाहिए। सीजेआई बोबडे ने कहा कि अगर हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना जारी रहा तो हम नहीं सुनेंगे।

चीफ जस्टिस बोबडे ने कहा कि वो छात्र हैं सिर्फ इसलिए कानून अपने हाथ में नहीं ले सकते। ये सही समय नहीं है कुछ भी तय करने का। पहले दंगे रुकने दीजिए।

अलीगढ़ में 60 जख्मी

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में जारी प्रदर्शनों के बीच अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में भी रविवार देर रात छात्र और पुलिसकर्मी आमने-सामने आ गए और पथराव तथा लाठीचार्ज में कम से कम 60 छात्र जख्मी हो गए। जिले में एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं सोमवार रात 12 बजे तक के लिए बंद कर दी गई हैं। परिसर में तनावपूर्ण हालात के मद्देनजर विश्वविद्यालय को पांच जनवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है।

जामिया कैंपस में घुसी थी पुलिस

रविवार रात को जामिया इलाके में हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस जामिया यूनिवर्सिटी कैंपस में घुस गई। छात्रों को पीटा गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। कई छात्रों को हिरासत में भी लिया गया। पुलिस की इस बर्बर कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली पुलिस हेडक्वॉर्टर के बाहर छात्रों ने प्रदर्शन किया।

टॅग्स :नागरिकता संशोधन बिल 2019जामिया मिल्लिया इस्लामियाअलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी (एएमयू)सुप्रीम कोर्ट
Open in App

संबंधित खबरें

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

भारतहिम्मत कैसे हुई ऐसा करने की?, वादी के पिता ने सीजेआई के भाई को फोन किया, नाराज न्यायाधीश ने कहा- क्या वह मुझे आदेश देंगे?

क्राइम अलर्टगुरुग्राम में 3 साल की बच्ची से बलात्कार?, उच्चतम न्यायालय ने कहा- आयुक्त से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक नाकाम?, कानून का जरा भी सम्मान तो तबादला करो

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील