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हाथरस मामले में जेल में बंद पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की बेटी ने स्वतंत्रता दिवस पर कहा, "आम नागरिकों की स्वतंत्रता नहीं छीनी जानी चाहिए, जय हिंद, जय भारत"

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: August 15, 2022 19:22 IST

यूपी की जेल में बंद केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की महज 9 साल की बेटी मेहनाज कप्पन ने स्कूल में दिये अपने भाषण में कहा कि सभी भारतीय नागरिक स्वतंत्रता का समान हक रखते हैं, इसलिए किसी भी नागरिक से उनकी स्वतंत्रता नहीं छीनी जानी चाहिए।

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ठळक मुद्देपत्रकार सिद्दीकी कप्पन की बेटी मेहनाज कप्पन ने स्वतंत्रता दिवस पर दिया बेहद भावुक भाषणमेहनाज कप्पन ने कहा कि मेरे पिता की स्वतंत्रता को छीनकर उन्हें अंधेरे कमरे में बंद कर दिया गया हैपत्रकार सिद्दीकी कप्पन अक्टूबर 2020 से ही यूपी सरकार द्वारा यूएपीए लगाये जाने के बाद से जेल में हैं

तिरुवनंतपुरम: स्वतंत्रता दिवस से मौके पर यूपी की जेल में बंद केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की बेटी ने स्कूल में दिये भाषण में कहा, “मैं मेहनाज कप्पन पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की बेटी हूं, मेरे पिता सिद्दीकी कप्पन इस देश के ऐसे नागरिक हैं, जिनकी नागरिक की स्वतंत्रता को छीनकर उन्हें एक अंधेरे कमरे में बंद कर दिया गया है।"

समाचार वेबसाइट 'द न्यूज मिनट' के मुताबिक महज 9 साल की बेटी मेहनाज कप्पन ने अपने भाषण में कहा कि आज हम जिस स्वतंत्रता का आनंद लेते हैं, वह संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सभी भारतीय नागरिक इस स्वतंत्रता का समान हक रखते हैं, इसलिए किसी भी नागरिक से उनकी स्वतंत्रता नहीं छीनी जानी चाहिए।

मेहनाज कप्पन ने कहा, “इस महान अवसर पर जब भारत का महान राष्ट्र की आजादी का जश्न मना रहा है, मैं इसे हर भारतीय के अटूट गर्व और अधिकार के साथ जोड़कर देखती हूं। सभी भारतीय एक स्वर में भारत माता की जय कहते हैं। आज हम जिस आजादी का आनंद ले रहे हैं, वह हमें गांधीजी, नेहरू, भगत सिंह सहित तमाम महान क्रांतिकारियों और सेनानियों के बलिदान से मिली है।"

कप्पन की छोटी सी बच्ची ने कहा, "आज हर भारतीय के पास विकल्प मौजूद है कि वो क्या बोलें, क्या खाएं या कौन सा धर्म चुनें। इसके साथ ही सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समान अधिकार है। हर भारतीय को यह अधिकार है कि जो किसी बात का विरोध या समर्थन कर सकते हैं। इसलिए 15 अगस्त को पुनर्जीवित हुए भारत के महान राष्ट्र की गरिमा से किसी के सामने समझौता नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, आज भी कई जगहों पर अशांति है और यह धर्म, जाति, राजनीति पर आधारित हिंसा में भी बदल जाती है। लेकिन हमें प्रेम और एकता के साथ इन सबके साथ मजबूती से लड़ना होगा। अशांति को मिटाते हुए हमें साथ मिलकर जीवन जीना चाहिए।"

नोटापरम जीएलपी सरकारी स्कूल में दिये अपने भाषण में कप्पन की बेटी ने कहा, “हमें अपने प्रयासों से भारत को लगातार उत्कृष्टता के शिखर पर ले जाना है और वो भी  बिना किसी बंटवारे या कलह के। हमें अपने लिए बेहतर कल का सपना देखना चाहिए। आज के दिन अंत में मैं बस यही कहना चाहती हूं कि भारत के आम नागरिकों की स्वतंत्रता नहीं छीनी जानी चाहिए। जय हिंद, जय भारत।”

मालूम हो कि केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को उत्तर प्रदेश सरकार ने यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम) के तहत गिरफ्तार किया था और वह अक्टूबर 2020 से ही जेल में हैं। जब कप्पन को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया था तो वह हाथरस में एक एक दलित के बलात्कार और हत्या पर रिपोर्ट करने के लिए जा रहे थे।

टॅग्स :Siddiqui KappanकेरलKerala
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