लाइव न्यूज़ :

उच्च स्तरीय वार्ता के बाद इजराइल ने फलस्तीन के प्रति सकारात्मक रुख दर्शाया

By भाषा | Updated: August 31, 2021 00:30 IST

Open in App

यरूशलम, 30 अगस्त (एपी) इजराइल के रक्षा मंत्री ने सोमवार को फलस्तीनी प्राधिकरण को मजबूत करने के उद्देश्य से कदम उठाने के संकेत दिए जिसमें कब्जे वाले वेस्ट बैंक में नकदी का संकट झेल रही स्वायत्त सरकार को 15 करोड़ डॉलर का ऋण देने की योजना शामिल है। इजराइल के रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज ने रविवार रात फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाकात की थी, जिसके बाद ये घोषणाएं सामने आई हैं। दोनों पक्षों के बीच वर्षों बाद हुई यह पहली उच्च स्तरीय वार्ता थी। इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू के शासन में हालिया कुछ वर्षों में अब्बास और इजराइली नेताओं के बीच संवाद लगभग पूरी तरह बंद हो चुका था। ऐसे में गैंट्ज और अब्बास के बीच हुई बातचीत को रुख में बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इजराइल की नई सरकार ने कहा है कि वह अब्बास को गाजा के सत्तारूढ़ आतंकवादी समूह हमास के खिलाफ मजबूत करने की इच्छुक है। गैंट्ज ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा, '' फलस्तीनी प्राधिकरण जितना ताकतवर होगा, हमास उतना ही कमजोर पड़ेगा।'' अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने दो दिन पहले व्हाइट हाउस में मुलाकात के दौरान इजराइल के नए प्रधानमंत्री से फलस्तीन के लोगों के जीवनस्तर में सुधार के लिए कदम उठाने का आग्रह किया था, जिसके बाद इजराइल का ऐसा रुख सामने आया है। नेतन्याहू को फलस्तीन के प्रति कट्टर नीति पर चलने वाले नेता के तौर पर देखा जाता है। उन्हें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन हासिल था। ट्रंप ने इजराइल में अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से यरूशलम स्थानांतरित करने जैसी इजराइल समर्थक नीतियों को मंजूरी दी थी। उन वर्षों के दौरान अब्बास ने अमेरिका और इजराइल से बातचीत बंद कर दी थी। 'द हारेट्ज' दैनिक समाचार पत्र की खबर में कहा गया है कि बैठक इजराइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक के रामल्ला में हुई, जहां अब्बास प्रशासन का मुख्यालय है। गैंट्ज के कार्यालय के एक बयान में कहा गया है कि गैंट्ज ने अब्बास से कहा कि इजराइल फलस्तीन की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिये कदम उठाएगा। वेस्ट बैंक में अब्बास के प्रशासन वाले स्वायत्त क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था इजराइल पर निर्भर है। इजराइल ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कई पाबंदियां लगा रखी हैं, जिससे फलस्तीनी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बुरे दौर से गुजर रही है। अब्बास के करीबी सहयोगी हुसैन शेख ने ट्विटर के जरिये बैठक की पुष्टि की।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

बॉलीवुड चुस्कीThe Voice of Hind Rajab: ऑस्कर के लिए नोमिनेट हुई इस फिल्म को नहीं मिली CBFC से मंज़ूरी, जानें क्या है यह मामला

विश्वबैंक्सी की करुणा और बड़ों के युद्ध में फंसे बच्चे

विश्वलेबनान में इजरायल का हमला, फलस्तीनी शरणार्थी शिविर पर गिराए बम; 13 लोगों की मौत

विश्वअब सबसे बड़ा सवाल गाजा के पुनर्निर्माण का है

विश्वGaza Peace Plan: ट्रंप ने गाजा में युद्धविराम का प्लान किया पेश, नेतन्याहू ने दी मंजूरी; हमास की सहमति का इंतजार

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?